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फजी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के शिकायत की जेडी ने की जांच
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:18 PM IST
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सोनभद्र। विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम ने शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पहुंचकर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बीटीसी में चयन के शिकायत की जांच की। शिकायत से जुड़ी पत्रावलियों को जब्त कर लिया। यहां बगैर किसी सूचना के डायट प्राचार्य, दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जाहिर की। बोले, इसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
जेडी विंध्याचल मंडल शुक्रवार को दोपहर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पहुंचे। कर्मचारियों से डायट प्राचार्य और दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं के उपस्थिति के बारे में पूछा। पता चला कि वे आए ही नहीं हैं। उनके उपस्थिति रजिस्टर के बारे में भी जानकारी ली। जेडी कामता राम ने बताया कि प्राचार्य, उप प्राचार्य और प्रवक्ताओं के उपस्थिति से संबंधित रजिस्टर ही नहीं बनाया गया हैै। इससे यह प्रमाणित ही नहीं हो पाएगा कि वे कब से अनुपस्थित चल रहे हैं। बताया कि एक शिकायत कर्ता ने शासन में शिकायत की थी कि प्राचार्य, उप प्राचार्य और प्रवक्ता डायट में सप्ताह में एक या दो दिन ही आते हैं। जांच में उन्होंने शिकायत सही पाया। बताया कि शासन से शिकायत के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान औैर प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने उन्हें स्थलीय जांच करने का निर्देश दिया था। इस पर वे जांच के लिए यहां आए हैं। शिकायत हुई हैै कि डायट में तैनात लिपिक और लंबे समय से संबद्घ दो शिक्षकों ने अपने बच्चों का फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर उनका चयन बीटीसी में करवा लिया है। इसमें से एक कर्मी के बेटे की मेरिट कम है फिर भी चयन हो गया। बताया कि जांच में फर्जी प्रमाण पत्र मामले से संबंधित पत्रावलियों को तलब कर लिया गया है। मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
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जेडी विंध्याचल मंडल शुक्रवार को दोपहर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पहुंचे। कर्मचारियों से डायट प्राचार्य और दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं के उपस्थिति के बारे में पूछा। पता चला कि वे आए ही नहीं हैं। उनके उपस्थिति रजिस्टर के बारे में भी जानकारी ली। जेडी कामता राम ने बताया कि प्राचार्य, उप प्राचार्य और प्रवक्ताओं के उपस्थिति से संबंधित रजिस्टर ही नहीं बनाया गया हैै। इससे यह प्रमाणित ही नहीं हो पाएगा कि वे कब से अनुपस्थित चल रहे हैं। बताया कि एक शिकायत कर्ता ने शासन में शिकायत की थी कि प्राचार्य, उप प्राचार्य और प्रवक्ता डायट में सप्ताह में एक या दो दिन ही आते हैं। जांच में उन्होंने शिकायत सही पाया। बताया कि शासन से शिकायत के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान औैर प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने उन्हें स्थलीय जांच करने का निर्देश दिया था। इस पर वे जांच के लिए यहां आए हैं। शिकायत हुई हैै कि डायट में तैनात लिपिक और लंबे समय से संबद्घ दो शिक्षकों ने अपने बच्चों का फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर उनका चयन बीटीसी में करवा लिया है। इसमें से एक कर्मी के बेटे की मेरिट कम है फिर भी चयन हो गया। बताया कि जांच में फर्जी प्रमाण पत्र मामले से संबंधित पत्रावलियों को तलब कर लिया गया है। मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
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