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वायु प्रदूषण के चलते अनपरा में नहीं बिके पटाखे.
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अनपरा। अति प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल अनपरा परिक्षेत्र में प्रदूषण के चलते इस बार पटाखे नहीं बिके। प्रदूषण से बचाव के लिए वाहनों का आवागमन नियंत्रित करने और पीडब्ल्यूडी को अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर दिन में तीन बार पानी का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है लेकिन इसका असर नहीं दिखा। शुक्रवार को अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर बेरोकटोक बड़े वाहन फर्राटा भरते रहे और लोग धूल से परेशान होते रहे। हालांकि पटाखे आदि की पाबंदी के बाद दो दिन से वायु प्रदूषण सूचकांक में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रदूषण के लिए हाटस्पाट घोषित अनपरा में 11 से 16 नवंबर तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने एवं प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद शुक्रवार को आम दिनों की भांति ही अनपरा, ककरी, बीना, खड़िया, शक्तिनगर आदि स्थानों पर वाहनों का आवागमन होता रहा और प्रदूषण की स्थिति बनी रही। एनसीएल की खदानों से कोल परिवहन करने वाले वाहन तेज गति से फर्राटा भरते रहे। बता दें, अनपरा-शक्तिनगर मार्ग की स्थिति जहां पूरे प्रदेश में सबसे अधिक धूल वाली सड़क की हो गई है, वहीं यहां हवा में तैरते प्रति किमी सौ किग्रा से भी अधिक सूक्ष्म धूलकण प्रदूषण के साथ ही बीमारियों के कारण बने हुए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि शासन स्तर से आए निर्देश के अनुपालन के लिए परिवहन विभाग और पुलिस को पत्र भेजने के साथ ही जरूरी निगरानी की जा रही है। उधर, एआरटीओ अनिल मिश्रा का कहना है कि एआरटीओ प्रवर्तन के जरिए भारी वाहनों का आवागमन नियंत्रित कराया जा रहा है। अनपरा कोतवाल विजय प्रताप सिंह ने बताया कि बाजारों में वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात हैं। पटाखों की बिक्री भी पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है।
इनसेट:
एनजीटी के आदेशों का पालन न होने से बढ़ा प्रदूषण
अनपरा। व्यवसायी नंदी जैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनजीटी के आदेशों का पालन न होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण की समस्या बढ़ती ही जा रही है। अजय सोनी का कहना है कि अनपरा मे बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के लिए संबंधित जिम्मेदार हैं। वायु प्रदूषण इस हद तक गहरा गया है कि लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है। चर्म रोग, टीबी, एलर्जी जैसी बीमारियां यहां के लोगों में आम हो गयी है। आशीष मिश्रा का कहना है कि एनजीटी के गाइड लाइन का पालन नहीं होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। शशि पांडेय का कहना है कि आम हो या खास, सभी परेशान हैं। बड़े लोग तो सडक़ पर अपनी लग्जरी गाड़ियों में शीशा बंद कर सफर कर रहे हैं लेकिन सड़क के किनारे रहने वालों, बाइक से चलने वालों को दिक्कत हो रही है।
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पांच नवंबर से यह है वायु प्रदूषण की स्थिति
--
: 05 नवंबर: 215
: 06 नवंबर: 222
: 07 नवंबर: 327
: 08 नवंबर: 335
: 09 नवंबर: 317
: 10 नवंबर: 314
: 11 नवंबर: 223
: 12 नवंबर: 191
: 13 नवंबर: 173
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प्रदूषण के लिए हाटस्पाट घोषित अनपरा में 11 से 16 नवंबर तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने एवं प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद शुक्रवार को आम दिनों की भांति ही अनपरा, ककरी, बीना, खड़िया, शक्तिनगर आदि स्थानों पर वाहनों का आवागमन होता रहा और प्रदूषण की स्थिति बनी रही। एनसीएल की खदानों से कोल परिवहन करने वाले वाहन तेज गति से फर्राटा भरते रहे। बता दें, अनपरा-शक्तिनगर मार्ग की स्थिति जहां पूरे प्रदेश में सबसे अधिक धूल वाली सड़क की हो गई है, वहीं यहां हवा में तैरते प्रति किमी सौ किग्रा से भी अधिक सूक्ष्म धूलकण प्रदूषण के साथ ही बीमारियों के कारण बने हुए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि शासन स्तर से आए निर्देश के अनुपालन के लिए परिवहन विभाग और पुलिस को पत्र भेजने के साथ ही जरूरी निगरानी की जा रही है। उधर, एआरटीओ अनिल मिश्रा का कहना है कि एआरटीओ प्रवर्तन के जरिए भारी वाहनों का आवागमन नियंत्रित कराया जा रहा है। अनपरा कोतवाल विजय प्रताप सिंह ने बताया कि बाजारों में वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात हैं। पटाखों की बिक्री भी पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है।
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एनजीटी के आदेशों का पालन न होने से बढ़ा प्रदूषण
अनपरा। व्यवसायी नंदी जैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनजीटी के आदेशों का पालन न होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण की समस्या बढ़ती ही जा रही है। अजय सोनी का कहना है कि अनपरा मे बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के लिए संबंधित जिम्मेदार हैं। वायु प्रदूषण इस हद तक गहरा गया है कि लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है। चर्म रोग, टीबी, एलर्जी जैसी बीमारियां यहां के लोगों में आम हो गयी है। आशीष मिश्रा का कहना है कि एनजीटी के गाइड लाइन का पालन नहीं होने से प्रदूषण बढ़ रहा है। शशि पांडेय का कहना है कि आम हो या खास, सभी परेशान हैं। बड़े लोग तो सडक़ पर अपनी लग्जरी गाड़ियों में शीशा बंद कर सफर कर रहे हैं लेकिन सड़क के किनारे रहने वालों, बाइक से चलने वालों को दिक्कत हो रही है।
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पांच नवंबर से यह है वायु प्रदूषण की स्थिति
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: 05 नवंबर: 215
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: 07 नवंबर: 327
: 08 नवंबर: 335
: 09 नवंबर: 317
: 10 नवंबर: 314
: 11 नवंबर: 223
: 12 नवंबर: 191
: 13 नवंबर: 173