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Sonebhadra News: लोहे की जर्जर प्लेट पर खड़े थे संविदा कर्मी, नहीं थी सुरक्षा बेल्ट
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एनसीएल दुद्धीचुआ के पुराने कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) में कार्य के दौरान बुधवार दोपहर ऊंचाई से गिरने से वेल्डर और सहायक की मौत के मामले की जांच के जद में लोहे की जर्जर प्लेट व सुरक्षा बेल्ट आ गया है। कोल प्रोजेक्ट के ट्रेड यूनियन नेताओं व मृतक के साथियों ने घटना को जिम्मेदारों की अनदेखी व सुरक्षा में बड़ी चूक बताया।
सीएचपी में जिस लोहे की प्लेट पर खड़ा हो कर्मचारी कार्य कर रहे थे, उस पर काफी समय से कोयले का डस्ट जमा था। यही डस्ट लोहे की प्लेट को गला दिया था। प्लेट सड़ चुकी थी और कोयले का मलबा जमा होने के चलते कर्मचारियों को उसकी खस्ताहाल स्थिति का अंदाजा नहीं लगा। दूसरा पहलू ऊंचाई पर कार्य के दौरान सेफ्टी बेल्ट सुरक्षा के बेहद अहम उपकरण होने के बावजूद नहीं था। कर्मचारियों का कहना था कि अगर सेफ्टी बेल्ट होता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। इस मामले में एनसीएल की विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट अंतिम होगी, लेकिन यह सब घटना के ऐसे पहलू हैं जो चर्चा के केंद्र में हैं।
बता दें कि बुधवार को कार्य के दौरान संतुलन बिगड़ने से संविदा एजेंसी का वेल्डर सुखराम (49) व सहायक बिरसा ओरांव (35) की मौत हो गई थी। दोनों के मृतक आश्रितों को कोल प्रबंधन ने तत्काल 15-15 लाख रुपये मुआवजे की राशि स्थानांतरित कर दिया था। अन्य देय के लिए प्राविधान मुताबिक प्रक्रिया शुरू की गई है। घटना की जांच खान सुरक्षा (डीजीएमएस) व एनसीएल की उच्च स्तरीय समिति कर रही है।
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सीएचपी में जिस लोहे की प्लेट पर खड़ा हो कर्मचारी कार्य कर रहे थे, उस पर काफी समय से कोयले का डस्ट जमा था। यही डस्ट लोहे की प्लेट को गला दिया था। प्लेट सड़ चुकी थी और कोयले का मलबा जमा होने के चलते कर्मचारियों को उसकी खस्ताहाल स्थिति का अंदाजा नहीं लगा। दूसरा पहलू ऊंचाई पर कार्य के दौरान सेफ्टी बेल्ट सुरक्षा के बेहद अहम उपकरण होने के बावजूद नहीं था। कर्मचारियों का कहना था कि अगर सेफ्टी बेल्ट होता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। इस मामले में एनसीएल की विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट अंतिम होगी, लेकिन यह सब घटना के ऐसे पहलू हैं जो चर्चा के केंद्र में हैं।
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बता दें कि बुधवार को कार्य के दौरान संतुलन बिगड़ने से संविदा एजेंसी का वेल्डर सुखराम (49) व सहायक बिरसा ओरांव (35) की मौत हो गई थी। दोनों के मृतक आश्रितों को कोल प्रबंधन ने तत्काल 15-15 लाख रुपये मुआवजे की राशि स्थानांतरित कर दिया था। अन्य देय के लिए प्राविधान मुताबिक प्रक्रिया शुरू की गई है। घटना की जांच खान सुरक्षा (डीजीएमएस) व एनसीएल की उच्च स्तरीय समिति कर रही है।
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