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जयंत से दुधीचुआ के बीच कोल परिवहन ठप
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Mon, 26 Sep 2016 11:27 PM IST
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ओबी बहने से जयंत-दुधीचुआ मार्ग पर मलबे में फंसा कोयला लदा डंपर।
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ऊर्जांचल में सोमवार को हुई बारिश ने कोयला खदान क्षेत्र में जमकर अफरातफरी मचाई। दुधीचुआ परियोजना के ओवर बर्डेंन (ओबी)का मलबा बहकर रास्ते पर आ जाने के कारण कोयले लदे डंपर जहां-तहां फंस गए। इसके चलते जयंत कोयला परियोजना से दुधीचुआ वारफाल को होने वाली कोल आपूर्ति पूरे दिन ठप रही। रास्ता बंद होने के चलते दुधीचुआ के पश्चिमी खदान में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जयंत के रास्ते किसी तरह कार्य स्थल तक भेजा गया।
दुधीचुआ लोडिंग स्थल पर कोयला नहीं पहुंचने से ट्रेन रैक लोडिंग भी पूरी तरह बंद रही। बीना, खड़िया, कृष्णशिला कोयला खदानों और लोडिंग स्थलों पर भरा पानी भी मुश्किलों को बढ़ा दिया। एनसीएल जयंत का कोयला आंतरिक मार्ग से दुधीचुआ परियोजना मे बने ट्रेन रैक लोडिंग प्वाइंट (वारफाल) तक पहुंचाया जाता है। यहां से कोयला मालगाड़ी पर लोड कर बिजली परियोजनाओं को भेजा जाता है।
दो दिन पहले रात के समय हुई बरसात के वजह से दुधीचुआ ईटीपी के पास ओबी का हजारों टन मलबा जमा हो गया था। इसके चलते दोनो कोयला परियोजना को जोड़ने वाली आंतरिक सड़क पर आवाजाही बंद सी हो गई थी। इसे मशक्कत के बाद हटाकर रविवार की रात आवाजाही बहाल हुई ही थी कि सोमवार को बारिश के साथ बहे ओबी के मलबे ने कोयला लदे वाहनों को जहां-तहां जाम कर दिया। रास्ता अवरुद्ध होने से जयंत से दुधीचुआ के बीच कोल परिवहन पूरी तरह बंद हो गया है। इस रास्ते से दुधिचुआ परियोजना के पश्चिमी अनुभाग में कर्मियों को लेकर जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को भी सोमवार को जयंत के रास्ते दूसरी तरफ से घूमकर कार्यस्थल पहुंचना पड़ा।
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परियोजना अधिकारियों का कहना था कि मलबा हटाने का काम शुरू है लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा है। उधर, बीना लोडिंग स्थल पर भी पानी लग जाने से जहां-तहां कोयला लोड वाहन खड़े रहे। जहां रोजाना सौ-डेढ़ सौ ट्रक कोयले का परिवहन हो रहा था, वहां यह संख्या 50 से भी नीचे रही। उधर, बारिश के चलते रविवार रात बीना परियोजना के दोनों खदान रास्ते पर पानी भरने के कारण ड्यूटी पर गए कर्मी ककरी के रास्ते घर वापस आए। बीना प्रोडक्शन आफिस के पास ओबी धसकने से यहां डंपरों की आवाजाही ठप रही। बारिश के साथ बिजली कड़कने से मनोज सिंह, बुलबुल सिंह सहित बीस घरों के टेलीविजन एवं अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण फूंक गए। बीना बस स्टैंड के पास की बस्ती में जलभराव से अफरातफरी मची रही।
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दुधीचुआ लोडिंग स्थल पर कोयला नहीं पहुंचने से ट्रेन रैक लोडिंग भी पूरी तरह बंद रही। बीना, खड़िया, कृष्णशिला कोयला खदानों और लोडिंग स्थलों पर भरा पानी भी मुश्किलों को बढ़ा दिया। एनसीएल जयंत का कोयला आंतरिक मार्ग से दुधीचुआ परियोजना मे बने ट्रेन रैक लोडिंग प्वाइंट (वारफाल) तक पहुंचाया जाता है। यहां से कोयला मालगाड़ी पर लोड कर बिजली परियोजनाओं को भेजा जाता है।
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दो दिन पहले रात के समय हुई बरसात के वजह से दुधीचुआ ईटीपी के पास ओबी का हजारों टन मलबा जमा हो गया था। इसके चलते दोनो कोयला परियोजना को जोड़ने वाली आंतरिक सड़क पर आवाजाही बंद सी हो गई थी। इसे मशक्कत के बाद हटाकर रविवार की रात आवाजाही बहाल हुई ही थी कि सोमवार को बारिश के साथ बहे ओबी के मलबे ने कोयला लदे वाहनों को जहां-तहां जाम कर दिया। रास्ता अवरुद्ध होने से जयंत से दुधीचुआ के बीच कोल परिवहन पूरी तरह बंद हो गया है। इस रास्ते से दुधिचुआ परियोजना के पश्चिमी अनुभाग में कर्मियों को लेकर जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को भी सोमवार को जयंत के रास्ते दूसरी तरफ से घूमकर कार्यस्थल पहुंचना पड़ा।
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परियोजना अधिकारियों का कहना था कि मलबा हटाने का काम शुरू है लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा है। उधर, बीना लोडिंग स्थल पर भी पानी लग जाने से जहां-तहां कोयला लोड वाहन खड़े रहे। जहां रोजाना सौ-डेढ़ सौ ट्रक कोयले का परिवहन हो रहा था, वहां यह संख्या 50 से भी नीचे रही। उधर, बारिश के चलते रविवार रात बीना परियोजना के दोनों खदान रास्ते पर पानी भरने के कारण ड्यूटी पर गए कर्मी ककरी के रास्ते घर वापस आए। बीना प्रोडक्शन आफिस के पास ओबी धसकने से यहां डंपरों की आवाजाही ठप रही। बारिश के साथ बिजली कड़कने से मनोज सिंह, बुलबुल सिंह सहित बीस घरों के टेलीविजन एवं अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण फूंक गए। बीना बस स्टैंड के पास की बस्ती में जलभराव से अफरातफरी मची रही।