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कोल प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा सीआईएसएफ संभालेगी
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sun, 25 Dec 2016 10:29 PM IST
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उत्तर प्रदेश स्थित कोल परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था जल्दी ही सीआईएसएफ संभालेगी। नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के अनुरोध पर गृह मंत्रालय स्तर से इसकी पहल की है। कुछ दिन पूर्व केंद्र से आई एक टीम ने परियोजनाओं की स्थिति जांचने के साथ ही, तैनाती के लिए सर्वे भी कर लिया है। नए साल में इस पहल के मूर्तरूप लेने की उम्मीद है।
दो हजार वर्ग किमी एरिया में फैले सिंगरौली कोल फील्ड्स का बड़ा हिस्सा जिले के अनपरा-शक्तिनगर में है। 1985 में स्थापित एनसीएल की मौजूदा दस कोल परियोजनाओं में पांच (ककरी, बीना, कृष्णशिला, खड़िया, दुधीचुआ) यूपी में हैं। यहां से हजारों टन कोयला बिजली परियोजनाओं को रोज जाता है। अब तक इनकी सुरक्षा निजी एजेंसियों के पास थी। इसी का फायदा तस्करों का सिंडीकेट उठाता है और मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर कोयला और डीजल की चोरी करता है। खनन से जुड़ी मशीनों के महंगे पार्ट्स खोल लेने, तार काट ले जाने की घटनाएं भी आए दिन होती हैं। कई बार लोडिंग प्वाइंट पर खड़ी मालगाड़ी के वैगनों की नीचे की चादर तक कबाड़ चोर उड़ा चुके हैं।
पिछले तीस साल से अधिक समय से सिंडीकेट वजूद में है लेकिन इस पर अंकुश नहीं लगा। इसे देखते हुए परियोजनाओं की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। एक साल पहले अमलोरी में सीआईएसएफ की तैनाती हुई। उसके बेहतर परिणाम देख, यूपी की सभी कोल परियोजनाओं में सीआईएसएफ तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
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दो हजार वर्ग किमी एरिया में फैले सिंगरौली कोल फील्ड्स का बड़ा हिस्सा जिले के अनपरा-शक्तिनगर में है। 1985 में स्थापित एनसीएल की मौजूदा दस कोल परियोजनाओं में पांच (ककरी, बीना, कृष्णशिला, खड़िया, दुधीचुआ) यूपी में हैं। यहां से हजारों टन कोयला बिजली परियोजनाओं को रोज जाता है। अब तक इनकी सुरक्षा निजी एजेंसियों के पास थी। इसी का फायदा तस्करों का सिंडीकेट उठाता है और मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर कोयला और डीजल की चोरी करता है। खनन से जुड़ी मशीनों के महंगे पार्ट्स खोल लेने, तार काट ले जाने की घटनाएं भी आए दिन होती हैं। कई बार लोडिंग प्वाइंट पर खड़ी मालगाड़ी के वैगनों की नीचे की चादर तक कबाड़ चोर उड़ा चुके हैं।
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पिछले तीस साल से अधिक समय से सिंडीकेट वजूद में है लेकिन इस पर अंकुश नहीं लगा। इसे देखते हुए परियोजनाओं की सुरक्षा सीआईएसएफ के हवाले करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। एक साल पहले अमलोरी में सीआईएसएफ की तैनाती हुई। उसके बेहतर परिणाम देख, यूपी की सभी कोल परियोजनाओं में सीआईएसएफ तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
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