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वाहनों में ठूंस कर बैठाए जा रहे बच्चे
sonbhadra
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:03 PM IST
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नगर के एक निजी विद्यालय में गुरुवार को बच्चों को ठूंस कर ले जाता स्कूली आटो। अमर उजाला
- फोटो : सोनभद्र
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जिले के प्राइवेट विद्यालयों में सुविधाओं के नाम पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। खटारा बसों, आटो में बच्चों को भूसे की तरह भरकर स्कूल ले जाया जा रहा। रिक्शे और मैजिक पर बच्चे बैठाए जा रहे। इससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। परिवहन विभाग भी जांच के नाम पर महज कोरम कर रहा। एक दिन वाहनों की चालान होता है और दूसरे दिन फिर वाहनों का संचालन उसी तरह शुरू हो जाता है।
पिछलों दिनों राजकीय पालीटेक्रिक कालेज में निजी स्कूलों की बसों को जांच करने के लिए बुलाया था। लेकिन 171 स्कूली बसों में से करीब सौ बसें ही पहुंची। शेष स्कूली बसों को जांच के लिए उनसे जुड़े विद्यालयों के प्रबंधकों ने भेजा ही नहीं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी सिर्फ नोटिस जारी कर कोरम की अदायगी कर ली। विकास नगर के आशुतोष मालवीय और बढ़ौली गांव के नागेंद्र मोदनवाल कहते हैं कि प्रबंधन उनसे बस की फीस पूरी वसूल रहा है, लेकिन अधिकतर बच्चे खड़े होकर ही स्कूल पहुंचते हैं।
दो लोगों के बैठने वाली सीट पर चार बच्चों को बैठाया जा रहा है। मुमताज, चंचल थरर्ड कहते हैं कि भीषण गर्मी में भी बच्चे वाहन में ठूंस कर बैठाये जा रहे हैं। इससे बच्चों को परेशानी हो रही है। एआरटीओ अवधेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में मानकों की अनदेखी कर चले रहे करीब 60 स्कूली बसों का चालान किया गया था। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज कर स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पिछलों दिनों राजकीय पालीटेक्रिक कालेज में निजी स्कूलों की बसों को जांच करने के लिए बुलाया था। लेकिन 171 स्कूली बसों में से करीब सौ बसें ही पहुंची। शेष स्कूली बसों को जांच के लिए उनसे जुड़े विद्यालयों के प्रबंधकों ने भेजा ही नहीं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी सिर्फ नोटिस जारी कर कोरम की अदायगी कर ली। विकास नगर के आशुतोष मालवीय और बढ़ौली गांव के नागेंद्र मोदनवाल कहते हैं कि प्रबंधन उनसे बस की फीस पूरी वसूल रहा है, लेकिन अधिकतर बच्चे खड़े होकर ही स्कूल पहुंचते हैं।
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दो लोगों के बैठने वाली सीट पर चार बच्चों को बैठाया जा रहा है। मुमताज, चंचल थरर्ड कहते हैं कि भीषण गर्मी में भी बच्चे वाहन में ठूंस कर बैठाये जा रहे हैं। इससे बच्चों को परेशानी हो रही है। एआरटीओ अवधेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में मानकों की अनदेखी कर चले रहे करीब 60 स्कूली बसों का चालान किया गया था। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज कर स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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