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माखन चोरी का मंचन देख गदगद
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:42 PM IST
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चोपन उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण लीला में गुरुवार को गोकुल में अपनी नटखट बाल लीलाएं कर रहे कान्हा की शरारतों से तंग गोपियां शिकायतों का पिटारा ले नंदबाबा के घर मईया यशोदा के पास जा पहुंची।
कान्हा के शिकायतों की झड़ी लगाते हुए गोपियों ने यशोदा से कहा कि मईया तूं अपने लाला को संभाल ले। वे कभी यमुना जी में नहाते समय हमारे वस्त्र चुरा लेते हैं, तो कभी राह चलते रोक कर राहदारी में माखन मिसरी मांगते हैं। कहा कि न देने पर पत्थर मारकर हमारी दहीं माखन से भरी मटकियां तोड़ देते हैं। मईया सो रहे कान्हा को जगाती हैं और समझाने का प्रयास करती हैं, लेकिन कन्हैया बताते हैं कि मईया मैं नहीं ये गोपियां ही मुझे परेशान करती हैं।
पहले अपने घर बुलाती हैं फिर किवाड़ बंद कर मुझे गोपी वाले अपने वस्त्र पहनाकर जबरदस्ती नाचने पर विवश करती हैं। यहां भक्त के भाव का मान रखते हुए कान्हा दबेपांव माखन चुराने गोपी के घर पहुंचते हैं और रंगेहाथ पकड़े जाते हैं। गोपी उन्हें बांधने का प्रयास करती हैं, लेकिन कान्हा गोपी को ही बांध देते हैं। इसके बाद पूरा परिसर जै कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
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कान्हा के शिकायतों की झड़ी लगाते हुए गोपियों ने यशोदा से कहा कि मईया तूं अपने लाला को संभाल ले। वे कभी यमुना जी में नहाते समय हमारे वस्त्र चुरा लेते हैं, तो कभी राह चलते रोक कर राहदारी में माखन मिसरी मांगते हैं। कहा कि न देने पर पत्थर मारकर हमारी दहीं माखन से भरी मटकियां तोड़ देते हैं। मईया सो रहे कान्हा को जगाती हैं और समझाने का प्रयास करती हैं, लेकिन कन्हैया बताते हैं कि मईया मैं नहीं ये गोपियां ही मुझे परेशान करती हैं।
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पहले अपने घर बुलाती हैं फिर किवाड़ बंद कर मुझे गोपी वाले अपने वस्त्र पहनाकर जबरदस्ती नाचने पर विवश करती हैं। यहां भक्त के भाव का मान रखते हुए कान्हा दबेपांव माखन चुराने गोपी के घर पहुंचते हैं और रंगेहाथ पकड़े जाते हैं। गोपी उन्हें बांधने का प्रयास करती हैं, लेकिन कान्हा गोपी को ही बांध देते हैं। इसके बाद पूरा परिसर जै कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
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