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चेयरमैन इम्तियाज हत्याकांड की फिर से होगी विवेचना
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बहुचर्चित चोपन चेयरमैन इम्तियाज हत्याकांड में नामजद रहे आरोपी राकेश जायसवाल और रवि जालान को कोर्ट ने झटका दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा ने सीबीसीआईडी वाराणसी इकाई के खंड अधिकारी प्रकरण की अग्रिम विवेचना किसी सक्षम विवेचक से कराने और विवेचना के तहत अपनी आख्या से यथाशीघ्र अवगत कराने का आदेश दिया है। साथ ही सीबीसीआईडी के डीजीपी को प्रकरण के विवेचक रहे तत्कालीन निरीक्षक अवधेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी लिखा है।
बता दें कि चोपन नगर पंचायत के चेयरमैन रहे इम्तियाज अहमद की नवंबर 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके भाई उस्मान की तरफ से खनन व्यवसायी राकेश जायसवाल और रवि जालान को नामजद आरोपी बनाया गया था। दो नामजद आरोपियों को छोड़कर बाकियों की गिरफ्तारी भी कर ली गई थी। इस मामले की सीबीसीआईडी से की गई विवेचना में नामजद दोनों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई और इससे संबंधित क्लोजर रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल कर दी गई। उस्मान अली ने दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देने के आधार को गलत बताते हुए कोर्ट से अग्रिम विवेचना की गुहार लगाई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने खंड अधिकारी सीबीसीआईडी वाराणसी को प्रकरण की अग्रिम विवेचना किसी सक्षम विवेचक से कराने और विवेचना के तहत अपनी आख्या यथाशीघ्र अवगत कराने को कहा है। वहीं पुलिस महानिदेशक अपराध शाखा अपराध अनुसंधान विभाग उत्तर प्रदेेश लखनऊ को प्रकरण के विवेचक अवधेश सिंह तत्कालीन निरीक्षक सीबीसीआईडी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी लिखा है।
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बता दें कि चोपन नगर पंचायत के चेयरमैन रहे इम्तियाज अहमद की नवंबर 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके भाई उस्मान की तरफ से खनन व्यवसायी राकेश जायसवाल और रवि जालान को नामजद आरोपी बनाया गया था। दो नामजद आरोपियों को छोड़कर बाकियों की गिरफ्तारी भी कर ली गई थी। इस मामले की सीबीसीआईडी से की गई विवेचना में नामजद दोनों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई और इससे संबंधित क्लोजर रिपोर्ट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल कर दी गई। उस्मान अली ने दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देने के आधार को गलत बताते हुए कोर्ट से अग्रिम विवेचना की गुहार लगाई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने खंड अधिकारी सीबीसीआईडी वाराणसी को प्रकरण की अग्रिम विवेचना किसी सक्षम विवेचक से कराने और विवेचना के तहत अपनी आख्या यथाशीघ्र अवगत कराने को कहा है। वहीं पुलिस महानिदेशक अपराध शाखा अपराध अनुसंधान विभाग उत्तर प्रदेेश लखनऊ को प्रकरण के विवेचक अवधेश सिंह तत्कालीन निरीक्षक सीबीसीआईडी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी लिखा है।
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