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निगाही में सीबीआई का छापा
सोनभद्र
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:58 PM IST
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पूर्व सैनिकों के नाम की आड़ में सामान्य व्यक्तियों की सुरक्षाकर्मी के रूप में भर्ती का मामला अब सीबीआई तक पहुंचा है। सोमवार की रात जबलपुर से आई दस सदस्यीय टीम ने निगाही परियोजना में छापेमारी कर सुरक्षा अधिकारी सहित तीन को हिरासत में लिया तो हड़कंप मच गया। देर रात तक चली छापेमारी में पूर्व सैनिकों की भर्ती और इसके लिए सिक्योरिटी गार्ड एजेंसियों से होने वाले करार आदि से जुड़े कागजात भी टीम साथ लेती गई।
पिछले दो माह से यह मामला निगाही सहित पूरे ऊर्जांचल में गरमाया हुआ है। पिछले माह निगाही और खड़िया परियोजना प्रबंधन ने ऐसे सभी मामलों में कागजों का सत्यापन कर जरूरी कार्रवाई की बात कही थी लेकिन अब तक इसमें कुछ नहीं हुआ। किसी ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। सूत्र बताते हैं कि सप्ताह पूर्व सीबीआई के दो कर्मियों ने बाकायदे निगाही की रेकी कर लोगों से पूछताछ कर इससे जुड़ी पूरी जानकारी हासिल की।
इसके बाद सोमवार की रात परियोजना में छापा मार दिया गया। सीबीआई टीम को धमकने से पूरे परियोजना में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। रात आठ बजे के करीब पहुंची टीम रात 11 बजे वापस हुई। जीएम सहित अन्य अधिकारियों से भी टीम ने इसको लेकर पूछताछ की। इसके बाद सुरक्षा अधिकारी सहित तीन को हिरासत में चले चले गए। बताते हैं कि सीबीआई की टीम ने छापामारी के दौरान एनसीएल मुख्यालय की विजिलेंस टीम को भी अपने साथ रखा।
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टीम ने जिन कारों का इस्तेमाल किया, वह भी विजिलेंस की ही थीं। बताते हैं कि टीम को यह भय था कि अगर वह निजी वाहनों का इस्तेमाल करते तो इसकी भनक संबंधितों को लग सकती थी। सूत्रों की मानें तो छापेमारी के दौरान पूर्व सैनिकों के नाम पर सामान्य व्यक्तियों की भर्ती से जुड़े कई दस्तावेज सीबीआई के हाथ लगे हैं। चूंकि एनसीएल में सुरक्षा गार्ड आपूर्ति का काम करने वाली एजेंसियां कई राज्यों से जुड़ी हुई है, इसलिए इस जांच की आंच अन्य राज्यों में भी पहुंचने की संभावना है। उधर, निगाही परियोजना प्रबंधन ने इसे सीबीआई का मामला बताते हुए किसी तरह की टिप्पणी से कन्नी काट ली।
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पिछले दो माह से यह मामला निगाही सहित पूरे ऊर्जांचल में गरमाया हुआ है। पिछले माह निगाही और खड़िया परियोजना प्रबंधन ने ऐसे सभी मामलों में कागजों का सत्यापन कर जरूरी कार्रवाई की बात कही थी लेकिन अब तक इसमें कुछ नहीं हुआ। किसी ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। सूत्र बताते हैं कि सप्ताह पूर्व सीबीआई के दो कर्मियों ने बाकायदे निगाही की रेकी कर लोगों से पूछताछ कर इससे जुड़ी पूरी जानकारी हासिल की।
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इसके बाद सोमवार की रात परियोजना में छापा मार दिया गया। सीबीआई टीम को धमकने से पूरे परियोजना में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। रात आठ बजे के करीब पहुंची टीम रात 11 बजे वापस हुई। जीएम सहित अन्य अधिकारियों से भी टीम ने इसको लेकर पूछताछ की। इसके बाद सुरक्षा अधिकारी सहित तीन को हिरासत में चले चले गए। बताते हैं कि सीबीआई की टीम ने छापामारी के दौरान एनसीएल मुख्यालय की विजिलेंस टीम को भी अपने साथ रखा।
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टीम ने जिन कारों का इस्तेमाल किया, वह भी विजिलेंस की ही थीं। बताते हैं कि टीम को यह भय था कि अगर वह निजी वाहनों का इस्तेमाल करते तो इसकी भनक संबंधितों को लग सकती थी। सूत्रों की मानें तो छापेमारी के दौरान पूर्व सैनिकों के नाम पर सामान्य व्यक्तियों की भर्ती से जुड़े कई दस्तावेज सीबीआई के हाथ लगे हैं। चूंकि एनसीएल में सुरक्षा गार्ड आपूर्ति का काम करने वाली एजेंसियां कई राज्यों से जुड़ी हुई है, इसलिए इस जांच की आंच अन्य राज्यों में भी पहुंचने की संभावना है। उधर, निगाही परियोजना प्रबंधन ने इसे सीबीआई का मामला बताते हुए किसी तरह की टिप्पणी से कन्नी काट ली।