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Sonebhadra News: एलटी के न होने से खून की जांच बंद
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सोनभद्र/सलखन/केकराही। जिले में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही सलखन एवं केकराही स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 108 मरीजों का उपचार हुआ। रॉबर्ट्सगंज नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजन सिर्फ दवा वितरण तक सीमित रहा। यहां लंबे समय से एलटी की तैनाती नहीं होने से खून की जांच नहीं हो पा रही है। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर खून जांच की सुविधा मिल रही है।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डाॅ.जेपी सिंह की मौजूदगी में शहरी एवं ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों का उपचार किया गया और दवा वितरित की गई। मौसमी बुखार से पीड़ित मरीज ज्यादा आए। यहां कुल 37 मरीजों का उपचार हुआ। नौ मरीजों के खून की जांच कराए जाने की जरूरत पड़ी। लेकिन, यहां एक माह से लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। इस मौके कृष्णकांत चौबे, फार्मासिस्ट मनोज राठौर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सलखन में जन आरोग्य मेले में 51 महिला, पुरुष, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करके दवा दी गई। ग्रामीण इलाकों से मौसमी बुखार, खांसी, मलेरिया, सर्दी, खसरा के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। डाॅक्टर सतीश कुमार से कुछ मरीजों ने शिकायत की कि उनके गांव में डीडीटी का छिड़काव नहीं होता है। इस मौके पर डाॅ.सतीस, राकेश सिंह फार्मासिस्ट, अंकिता, सितारा, सरिता, राजेश कुमार, दाई सोमरी आदि रहे। केकराही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 20 का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसमें सर्दी, जुकाम, बुखार, खुजली, बीपी समस्या से पीड़ित लोग आए थे। गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और दवा दी गई। इस मौके पर डॉ.राकेश कुमार मौर्य आदि रहे।
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वायरल और खुजली के मरीज बढ़े
अनपरा। मौसम में बदलाव के कारण क्षेत्र में वायरल और खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। संयुक्त चिकित्सालय में भी मरीजों की संख्या आम दिनों के मुकाबले बढ़ गई है। क्लीनिक से लेकर निजी अस्पतालों में भी मरीजों की लाइन लगी हुई है। बारिश और इसके बाद निकले धूप और खानपान में लापरवाही के कारण क्षेत्र में तेजी से वायरल और खुजली के मरीज बढ़ रहे हैं। आम दिनों में संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी 200 के अंदर ही रहती थी, लेकिन अब 300 के पार चली जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों के आने से पहले मरीज लाइन लगाए मिलते हैं। निजी अस्पतालों का भी यही हाल है। निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इस कारण बेड की भी कमी हो रही है। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ वायरल और खुजली की समस्या से बचाव के उपाय भी बता रहे हैं। चर्म रोग के मरीज भी अस्पतालों में आ रहे हैं, लेकिन क्षेत्र के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक ना होने के कारण लोग मध्य प्रदेश या फिर जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण वायरल और खुजली के मरीज बढ़ें हैं। मरीजों को दवा के साथ-साथ प्रतिदिन कपड़े, चादर और तौलिया बदलकर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। - डॉ. रवि प्रताप सिंह, चिकित्सा अधीक्षक - संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज।
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नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डाॅ.जेपी सिंह की मौजूदगी में शहरी एवं ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों का उपचार किया गया और दवा वितरित की गई। मौसमी बुखार से पीड़ित मरीज ज्यादा आए। यहां कुल 37 मरीजों का उपचार हुआ। नौ मरीजों के खून की जांच कराए जाने की जरूरत पड़ी। लेकिन, यहां एक माह से लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। इस मौके कृष्णकांत चौबे, फार्मासिस्ट मनोज राठौर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सलखन में जन आरोग्य मेले में 51 महिला, पुरुष, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करके दवा दी गई। ग्रामीण इलाकों से मौसमी बुखार, खांसी, मलेरिया, सर्दी, खसरा के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। डाॅक्टर सतीश कुमार से कुछ मरीजों ने शिकायत की कि उनके गांव में डीडीटी का छिड़काव नहीं होता है। इस मौके पर डाॅ.सतीस, राकेश सिंह फार्मासिस्ट, अंकिता, सितारा, सरिता, राजेश कुमार, दाई सोमरी आदि रहे। केकराही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 20 का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसमें सर्दी, जुकाम, बुखार, खुजली, बीपी समस्या से पीड़ित लोग आए थे। गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और दवा दी गई। इस मौके पर डॉ.राकेश कुमार मौर्य आदि रहे।
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वायरल और खुजली के मरीज बढ़े
अनपरा। मौसम में बदलाव के कारण क्षेत्र में वायरल और खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। संयुक्त चिकित्सालय में भी मरीजों की संख्या आम दिनों के मुकाबले बढ़ गई है। क्लीनिक से लेकर निजी अस्पतालों में भी मरीजों की लाइन लगी हुई है। बारिश और इसके बाद निकले धूप और खानपान में लापरवाही के कारण क्षेत्र में तेजी से वायरल और खुजली के मरीज बढ़ रहे हैं। आम दिनों में संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी 200 के अंदर ही रहती थी, लेकिन अब 300 के पार चली जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों के आने से पहले मरीज लाइन लगाए मिलते हैं। निजी अस्पतालों का भी यही हाल है। निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इस कारण बेड की भी कमी हो रही है। चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ वायरल और खुजली की समस्या से बचाव के उपाय भी बता रहे हैं। चर्म रोग के मरीज भी अस्पतालों में आ रहे हैं, लेकिन क्षेत्र के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक ना होने के कारण लोग मध्य प्रदेश या फिर जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण वायरल और खुजली के मरीज बढ़ें हैं। मरीजों को दवा के साथ-साथ प्रतिदिन कपड़े, चादर और तौलिया बदलकर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा रही है। - डॉ. रवि प्रताप सिंह, चिकित्सा अधीक्षक - संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज।