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भाजपा के घट गए वोट, सपा ने बनाई बड़ी बढ़त
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विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। अब उनकी समीक्षा शुरू हो गई। सपा, बसपा, भाजपा सहित हर दल के लोग अपने नफा-नुकसान की चिंता कर रहे हैं। इस बार चारों सीटों पर भले ही चुनाव भाजपा ने जीता हो, लेकिन वोटों का सबसे ज्यादा नुकसान भी उसे ही हुआ है। हर विस क्षेत्र में उनके वोटों में भारी कमी आई है। इस लिहाज से सपा काफी फायदे में रही। हालांकि कम मतदान प्रतिशत को भी इसके लिए एक कारण माना जा रहा है।
वर्ष 2017 और 2022 के चुनाव में सपा और भाजपा के प्रत्याशी एक ही रहे हैं। ओबरा में भाजपा प्रत्याशी तो वही थे, लेकिन सपा ने प्रत्याशी बदल दिया। दुद्धी में सपा, भाजपा और बसपा तीनों के प्रत्याशी बदले गए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में घोरावल से भाजपा प्रत्याशी को 1.14 लाख से भी अधिक वोट मिले थे, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ 56 हजार पर सिमट गई थी। सपा प्रत्याशी को मिले वोटों के दोगुने से भी ज्यादा अंतर से भाजपा ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2019 के चुनाव में घोरावल में भाजपा को सात हजार वोट कम मिले थे। तब मतदान भी चार प्रतिशत कम हुआ था। इस बार घोरावल में भाजपा को 1.01 लाख ही वोट मिले, जबकि सपा 76 हजार से अधिक वोट पाने में कामयाब रही। यही स्थिति राबर्ट्सगंज विस क्षेत्र में भी रही है। वर्ष 2017 के सापेक्ष दोनों ही स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों को मिले मत में कमी आई है, जबकि सपा के वोट बढ़े हैं। जनजातीय के लिए आरिक्षत ओबरा और दुद्धी सीट ऐसी रही, जहां भाजपा के वोट में बढ़ोत्तरी हुई है। दुद्धी में सपा की बजाय कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। तब विजय सिंह गोंड बसपा से उतरे थे।
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वर्ष 2017 और 2022 के चुनाव में सपा और भाजपा के प्रत्याशी एक ही रहे हैं। ओबरा में भाजपा प्रत्याशी तो वही थे, लेकिन सपा ने प्रत्याशी बदल दिया। दुद्धी में सपा, भाजपा और बसपा तीनों के प्रत्याशी बदले गए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में घोरावल से भाजपा प्रत्याशी को 1.14 लाख से भी अधिक वोट मिले थे, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ 56 हजार पर सिमट गई थी। सपा प्रत्याशी को मिले वोटों के दोगुने से भी ज्यादा अंतर से भाजपा ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2019 के चुनाव में घोरावल में भाजपा को सात हजार वोट कम मिले थे। तब मतदान भी चार प्रतिशत कम हुआ था। इस बार घोरावल में भाजपा को 1.01 लाख ही वोट मिले, जबकि सपा 76 हजार से अधिक वोट पाने में कामयाब रही। यही स्थिति राबर्ट्सगंज विस क्षेत्र में भी रही है। वर्ष 2017 के सापेक्ष दोनों ही स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों को मिले मत में कमी आई है, जबकि सपा के वोट बढ़े हैं। जनजातीय के लिए आरिक्षत ओबरा और दुद्धी सीट ऐसी रही, जहां भाजपा के वोट में बढ़ोत्तरी हुई है। दुद्धी में सपा की बजाय कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। तब विजय सिंह गोंड बसपा से उतरे थे।
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