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फरियादियों के लिए पानी का इंतजाम करें
sonbhadra
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:07 PM IST
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मंगलवार को राबर्ट्सगंज तहसील में समाधान दिवस पर समस्याएं सुनते डीएम अमित कुमार सिंह।
- फोटो : सोनभद्र
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जिले की तीनों तहसीलों में मंगलवार को 255 शिकायतें अफसरों के पास आई। इनमें से 38 का मौके पर निस्तारण हुआ जबकि 217 मामले लंबित रह गए। वहीं डीएम अमित कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने कार्यालयों में घड़े में ठंडा पानी रखें और फरियादियों को गर्मी में पानी जरूर पिलाएं। इस दौरान शौचालय और बस स्टैंड से जुड़ी समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा गया। जिसकी जांच का उन्होंने आदेश दिया।
सदर तहसील में बहुअरा की गुलबहरी का आरोप है कि शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये स्वीकृत हुआ। इसकी जानकारी होने के बाद उसने एक दुकानदार से गिट्टी, बालू, सरिया, कमोड आदि उधार लेकर चार माह पूर्व शौचालय बनवा दी लेकिन उसे चेक नहीं दिया जा रहा। चेक के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। इसी तरह जड़ेरुआ के भाई लाल, विनित कुमार आदि ने आरोप लगाया कि वे अपने निजी ट्रैक्टर से शौचालय निर्माण के लिए घटिया ईंट गिरा रहे हैं। यह भी आरोप लगाया कि शौचालय के मद के लिए आए 12 हजार रुपये का चेक देने के लिए उनसे दो हजार रुपये की मांग की जा रही है। उधर कमोजी गांव के दुर्गा प्रसाद ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर परासी गांव में स्थित पानी की टंकी से पाइप लाइन के जरिए गांव में पानी की आपूर्ति कराने की मांग की है। बढ़ौली गांव निवासी दिनेश चौबे ने अवैध ढंग से संचालित बस स्टैंड को हटवाने की मांग की। कहा कि पूर्व में संपूर्ण समाधान दिवस में किया था, लेकिन पुलिस ने बिना स्टैंड हटवाएं अपने उच्चाधिकारियों को झूठी रिपोर्ट प्रेषित कर दी।
120 शिकायतें आईं जिसमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण हुआ और आठ मामले फील्ड में गई टीम ने निस्तारित किया। 100 मामलों को समय सीमा के अंदर निस्तारित करने का निर्देश डीएम ने दिया। यहां डीएफओ श्रद्धा यादव, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, डीपीआरओ आरके भारती, एसडीएम सदर डॉ. अंकुर लाठर, डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार, तहसीलदार नंदलाल सिंह, सीओ विवेकानंद तिवारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मधुसूदन दूबे, डीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। दुद्धी तहसील में एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, प्रशिक्षु आईएएस अतुल वत्स ने लोगों की समस्या सुनी। यहां 68 मामलों को सुनते हुए मौके पर सात मामलों को निस्तारित किए गए। इसके बाद उन्होंने चार टीमें बनाकर क्षेत्र में भेजा जहां चार मामले निबटाए गए। घोरावल में समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम शादाब असलम ने की। यहां 67 शिकायती पत्र पड़े, जिसमें से महज कुल सात मामले ही निबटाए जा सके।
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सदर तहसील में बहुअरा की गुलबहरी का आरोप है कि शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये स्वीकृत हुआ। इसकी जानकारी होने के बाद उसने एक दुकानदार से गिट्टी, बालू, सरिया, कमोड आदि उधार लेकर चार माह पूर्व शौचालय बनवा दी लेकिन उसे चेक नहीं दिया जा रहा। चेक के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। इसी तरह जड़ेरुआ के भाई लाल, विनित कुमार आदि ने आरोप लगाया कि वे अपने निजी ट्रैक्टर से शौचालय निर्माण के लिए घटिया ईंट गिरा रहे हैं। यह भी आरोप लगाया कि शौचालय के मद के लिए आए 12 हजार रुपये का चेक देने के लिए उनसे दो हजार रुपये की मांग की जा रही है। उधर कमोजी गांव के दुर्गा प्रसाद ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर परासी गांव में स्थित पानी की टंकी से पाइप लाइन के जरिए गांव में पानी की आपूर्ति कराने की मांग की है। बढ़ौली गांव निवासी दिनेश चौबे ने अवैध ढंग से संचालित बस स्टैंड को हटवाने की मांग की। कहा कि पूर्व में संपूर्ण समाधान दिवस में किया था, लेकिन पुलिस ने बिना स्टैंड हटवाएं अपने उच्चाधिकारियों को झूठी रिपोर्ट प्रेषित कर दी।
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120 शिकायतें आईं जिसमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण हुआ और आठ मामले फील्ड में गई टीम ने निस्तारित किया। 100 मामलों को समय सीमा के अंदर निस्तारित करने का निर्देश डीएम ने दिया। यहां डीएफओ श्रद्धा यादव, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, डीपीआरओ आरके भारती, एसडीएम सदर डॉ. अंकुर लाठर, डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार, तहसीलदार नंदलाल सिंह, सीओ विवेकानंद तिवारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मधुसूदन दूबे, डीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। दुद्धी तहसील में एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, प्रशिक्षु आईएएस अतुल वत्स ने लोगों की समस्या सुनी। यहां 68 मामलों को सुनते हुए मौके पर सात मामलों को निस्तारित किए गए। इसके बाद उन्होंने चार टीमें बनाकर क्षेत्र में भेजा जहां चार मामले निबटाए गए। घोरावल में समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम शादाब असलम ने की। यहां 67 शिकायती पत्र पड़े, जिसमें से महज कुल सात मामले ही निबटाए जा सके।
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