जिले में सात से 10 मार्च तक आर्चरी जजेस वर्कशॉप-सेमिनार का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश में पहली बार यह महत्वपूर्ण सेमिनार सोनभद्र में आयोजित हो रहा है। जिला सचिव बलराम कृष्ण यादव के आग्रह पर उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ ने यह प्रस्ताव भारतीय तीरंदाजी संघ के समक्ष रखा था, जिसे स्वीकृति प्रदान कर दी गई। यह वर्कशॉप भारतीय तीरंदाजी संघ तथा ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के निर्देशन में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम की जिम्मेदारी डिस्ट्रिक्ट आर्चरी एसोसिएशन सोनभद्र को सौंपा गया है। वर्कशॉप में नॉर्थ जोन के चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के लगभग 50 निर्णायक (जजेस) प्रतिभाग करेंगे। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य निर्णायकों को नवीनतम नियमों, तकनीकी मानकों एवं प्रतियोगिता संचालन की प्रक्रियाओं से अवगत कराना है। सात मार्च को लोगों का आगमन होगा। आठ मार्च से जिला मुख्यालय स्थित देव अर्जुन सिंह एक होटल में प्रतिभागियों से बात करेंगे। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष एवं सोनभद्र तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष राम सकल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोजन समिति में योगेंद्र राणा, बलराम कृष्ण यादव (सचिव), भानु भास्कर, मनोज कुमार, अमर बहादुर सिंह, अभिषेक यादव सहित अन्य पदाधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। जिले में इस स्तर के सेमिनार के आयोजन से तीरंदाजी खेल को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में इसे लेकर उत्साह का माहौल है।