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बोनस भुगतान के लिए दफ्तर में भिड़े एओ व प्रधानाचार्य
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सोनभद्र। एक कनिष्ठ सहायक के बोनस भुगतान को लेकर बृहस्पतिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एओ ( वित्त एवं लेखाधिकारी) माध्यमिक शिक्षा और एक राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य आपस में भिड़ गए। करीब तीस मिनट तक चले नोक-झोंक और हंगामे के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने दोनों को समझाकर मामला शांत कराया। इस दौरान एओ के कक्ष में अन्य कर्मियों की भीड़ लग गई। डीआईओएस ने इस मामले में एओ से स्पष्टीकरण मांगने के लिए कहा।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्हौरा नगवां के प्रधानाचार्य शैलेंद्र चतुर्वेदी दोपहर करीब एक बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचे। वहां वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा मदन गोपाल कसेरा के कक्ष में पहुंचे। उन्होंने बोनस भुगतान वाले रजिस्टर को दिखाते हुए एक कनिष्ठ सहायक के बोनस भुगतान को लेकर आपत्ति जताई। इसी बीच दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा प्रधानाचार्य और एओ एक दूसरे को कर्तव्य व दायित्व, अधिकार आदि को लेकर कहासुनी करने लगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि कनिष्ठ सहायक जिसका चयन परिषदीय स्कूल में शिक्षक के पद पर हो गया है। उनके बोनस भुगतान के लिए उनके स्तर से संस्तुति नहीं की गई थी, क्योंकि वे विद्यालय के कुछ सामान व उनसे कुछ रुपये लिए हैं। जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी ने मनमाने तरीके से उनका भुगतान कर दिया। कहा कि प्रधानाचार्य की संस्तुति के बाद ही बोनस भुगतान होना चाहिए। उधर, एओ मदन गोपाल कसेरा ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया वह नियमानुसार किया है। कुछ भी गलत नहीं किया है।
अगर प्रधानाचार्य ने बोनस भुगतान के लिए संस्तुति नहीं की है तो भुगतान नहीं होना चाहिए। प्रधानाचार्य ने जो भी आरोप लगाया है उसके आधार पर एओ से जवाब मांगा जाएगा। कार्यालय में हल्का विवाद हुआ था, उसे शांत करा दिया गया।- प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस-सोनभद्र।
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राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्हौरा नगवां के प्रधानाचार्य शैलेंद्र चतुर्वेदी दोपहर करीब एक बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचे। वहां वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा मदन गोपाल कसेरा के कक्ष में पहुंचे। उन्होंने बोनस भुगतान वाले रजिस्टर को दिखाते हुए एक कनिष्ठ सहायक के बोनस भुगतान को लेकर आपत्ति जताई। इसी बीच दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा प्रधानाचार्य और एओ एक दूसरे को कर्तव्य व दायित्व, अधिकार आदि को लेकर कहासुनी करने लगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि कनिष्ठ सहायक जिसका चयन परिषदीय स्कूल में शिक्षक के पद पर हो गया है। उनके बोनस भुगतान के लिए उनके स्तर से संस्तुति नहीं की गई थी, क्योंकि वे विद्यालय के कुछ सामान व उनसे कुछ रुपये लिए हैं। जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी ने मनमाने तरीके से उनका भुगतान कर दिया। कहा कि प्रधानाचार्य की संस्तुति के बाद ही बोनस भुगतान होना चाहिए। उधर, एओ मदन गोपाल कसेरा ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया वह नियमानुसार किया है। कुछ भी गलत नहीं किया है।
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अगर प्रधानाचार्य ने बोनस भुगतान के लिए संस्तुति नहीं की है तो भुगतान नहीं होना चाहिए। प्रधानाचार्य ने जो भी आरोप लगाया है उसके आधार पर एओ से जवाब मांगा जाएगा। कार्यालय में हल्का विवाद हुआ था, उसे शांत करा दिया गया।- प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस-सोनभद्र।
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