दुद्धी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गत दिनों डेढ़ वर्षीय बालिका की इलाज के दौरान मौत पर हंगामा के मामले को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। सीएचसी अधीक्षक को पत्र जारी कर इस मामले में विस्तृत आख्या तलब की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ शाह आलम अंसारी ने इस बारे में संबंधित डॉक्टरों से जवाब मांगा है।
अधीक्षक को दिए गए जवाब में चिकित्सकों ने बताया कि क्षेत्र के दुमहान गांव निवासी संदीप कुशवाहा 11 अप्रैल को अपनी डेढ़ साल की बेटी प्रियांशी को उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत पर सुबह 11 बजे सीएचसी लाया। डॉ. संजीव कुमार ने बच्ची की हालत सही न देख उसे केंद्र में भर्ती कर लिया। दूसरे दिन 12 अप्रैल को सुबह डॉ. विनोद कुमार सिंह ने भी उस बच्ची को इनडोर पेशेंट वार्ड में राउंड के दौरान देखा। तब तक बच्ची की स्थिति में काफी सुधार आ गया था। शाम को अचानक 4 बजे बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने आकस्मिक ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार को आकस्मिक कक्ष में ले जाकर दिखाया। वहां डॉ. प्रवीन ने परीक्षण कर बच्ची की हालत गंभीर देख परिजनों को जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन परिजनों ने बच्ची को जिला अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। इससे पहले कि बच्ची को जीवन रक्षक दवाएं दी जाती, बच्ची ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के मुताबिक सीएचसी में उपलब्ध संसाधनों के बीच इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी।