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अनपरा परियोजना में संकट, छठी इकाई बंद
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Mon, 19 Sep 2016 10:12 PM IST
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राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैँ। डेढ़ माह से कोयला संकट से जूझ रही परियोजना में सोमवार को तेल (फर्निशिंग आयल) का संकट गहरा गया। कोयले की आपूर्ति भी कम मिली। इसको देखते हुए प्रबंधन ने अनपरा की पांच सौ मेगावाट वाली छठी इकाई फिलहाल दो दिनों के लिए बंद कर दी है।
शेष को भी कम लोड पर चलाया जा रहा है। मुंबई से जरूरत के मुताबिक तेल लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। 2630 मेगावाट क्षमता रखने वाली अनपरा परियोजना को रोजाना 42 हजार टन कोयले की जगह, औसतन बीस से पचीस हजार टन ही कोयला मिल पा रहा है। रविवार से लेकर सोमवार दोपहर तक जयंत-दुधीचुआ रूट बाधित रहने से तो कोयला आपूर्ति पर असर पड़ा ही, ककरी, बीना से भी कम कोयला आया।
इसको लेकर हड़कंप की स्थिति प्रबंधन में तो थी ही, दोपहर बाद तेल का स्टाक दो हजार लीटर से भी कम आने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पांच सौ मेगावाट की छठवीं इकाई बंद कर दी गई। इसके चलते परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर 12 सौ मेगावाट के करीब आ गया। बता दें कि 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई पहले से अनुरक्षण कार्य के चलते बंद पड़ी है। छठी इकाई भी बंद होने से शक्ति भवन तक हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उधर, सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी बताया कोयले के साथ, तेल की भी उपलब्धता कम हो गई है। इसी के चलते छठीं इकाई बंद की गई है। कोयला आपूर्ति बढ़वाने का प्रयास जारी है। कोशिश है कि जल्द से जल्द तेल भी उपलब्ध हो जाए।-
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शेष को भी कम लोड पर चलाया जा रहा है। मुंबई से जरूरत के मुताबिक तेल लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। 2630 मेगावाट क्षमता रखने वाली अनपरा परियोजना को रोजाना 42 हजार टन कोयले की जगह, औसतन बीस से पचीस हजार टन ही कोयला मिल पा रहा है। रविवार से लेकर सोमवार दोपहर तक जयंत-दुधीचुआ रूट बाधित रहने से तो कोयला आपूर्ति पर असर पड़ा ही, ककरी, बीना से भी कम कोयला आया।
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इसको लेकर हड़कंप की स्थिति प्रबंधन में तो थी ही, दोपहर बाद तेल का स्टाक दो हजार लीटर से भी कम आने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पांच सौ मेगावाट की छठवीं इकाई बंद कर दी गई। इसके चलते परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर 12 सौ मेगावाट के करीब आ गया। बता दें कि 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई पहले से अनुरक्षण कार्य के चलते बंद पड़ी है। छठी इकाई भी बंद होने से शक्ति भवन तक हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उधर, सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी बताया कोयले के साथ, तेल की भी उपलब्धता कम हो गई है। इसी के चलते छठीं इकाई बंद की गई है। कोयला आपूर्ति बढ़वाने का प्रयास जारी है। कोशिश है कि जल्द से जल्द तेल भी उपलब्ध हो जाए।-
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