{"_id":"5867f69a4f1c1b7b25eeb8cc","slug":"anpara-and-krishnashila-station-constructed-well","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनपरा-कृष्णशिला रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनपरा-कृष्णशिला रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मध्य रेलवे के अनपरा और कृष्णशिला दोनों महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों की सूरत संवारने की कवायद तेज हो गई है। अनपरा जहां ऊर्जांचल का हब है। वहीं कृष्णशिला धनबाद सेक्सन में मालभाड़े से सबसे ज्यादा आय देने वाला स्टेशन है। दोनों जगह हाइलेवल प्लेटफार्म सहित अन्य सुविधाओं के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए हाजीपुर जोन कार्यालय भेज दिया गया है।
बताते हैं कि अनपरा में सूबे में सबसे अधिक बिजली उत्पादन होने के बावजूद यहां का रेलवे स्टेशन और यहां मौजूद सुविधाएं औसत स्तर की है। प्लेटफार्म की स्थिति यह है कि बुजुर्ग और बीमार आदमी आसानी से चढ़ ही नहीं पाते। साथ में ज्यादा सामान होने के कारण भी लोग यहां आना पसंद करते। इसके चलते तमाम लोग ट्रेन पकडने के लिए रेणुकूट जाते हैं। यात्री सुविधाओं के नाम पर भी यहां सिर्फ प्लेटफार्म का फर्श है। कोई भी मौसम हो, खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर ही ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। इसी तरह कृष्णशिला में भी यात्री सुविधाओं के इंतजाम काफी खराब हैं।
इसको देखते हुए दोनों जगह आधुनिक माडल वाले हाई लेवल प्लेटफार्म, पानी पीने के इंतजाम, कैंटीन आदि सुविधाओं की मांग लंबे समय से उठती रही है।सप्ताह भर पूर्व ऊर्जांचल के दौरे पर आए डीआरएम एके अखौरी के सामने भी यह मांग उठी थी। इसको देखते हुए चोपन प्रखंड स्तर से प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए डीआरएम के जरिए जीएम हाजीपुर के यहां भेज दिया गया है। डीटीएम अमरेश कुमार ने बताया कि पहल जल्द मूर्तरूप ले, इसके प्रयास जारी हैं। उम्मीद है कि मार्च अंत तक प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। ताकि नए वित्तीय वर्ष में इस पर काम शुरू हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताते हैं कि अनपरा में सूबे में सबसे अधिक बिजली उत्पादन होने के बावजूद यहां का रेलवे स्टेशन और यहां मौजूद सुविधाएं औसत स्तर की है। प्लेटफार्म की स्थिति यह है कि बुजुर्ग और बीमार आदमी आसानी से चढ़ ही नहीं पाते। साथ में ज्यादा सामान होने के कारण भी लोग यहां आना पसंद करते। इसके चलते तमाम लोग ट्रेन पकडने के लिए रेणुकूट जाते हैं। यात्री सुविधाओं के नाम पर भी यहां सिर्फ प्लेटफार्म का फर्श है। कोई भी मौसम हो, खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर ही ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। इसी तरह कृष्णशिला में भी यात्री सुविधाओं के इंतजाम काफी खराब हैं।
विज्ञापन
इसको देखते हुए दोनों जगह आधुनिक माडल वाले हाई लेवल प्लेटफार्म, पानी पीने के इंतजाम, कैंटीन आदि सुविधाओं की मांग लंबे समय से उठती रही है।सप्ताह भर पूर्व ऊर्जांचल के दौरे पर आए डीआरएम एके अखौरी के सामने भी यह मांग उठी थी। इसको देखते हुए चोपन प्रखंड स्तर से प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए डीआरएम के जरिए जीएम हाजीपुर के यहां भेज दिया गया है। डीटीएम अमरेश कुमार ने बताया कि पहल जल्द मूर्तरूप ले, इसके प्रयास जारी हैं। उम्मीद है कि मार्च अंत तक प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। ताकि नए वित्तीय वर्ष में इस पर काम शुरू हो सके।
विज्ञापन