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Sonebhadra News: बांधों में रिजर्व पानी रखने का एलान, सिंचाई के लिए कहां जाएंगे किसान

Fri, 06 Oct 2023 10:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 10:12 PM IST
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Announcement to keep reserve water in dams, where farmer
सोनभद्र। नगवां और धंधरौल बांध से अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। शासन स्तर से दोनों बांध में अतिरिक्त पानी रिजर्व रखने का निर्देश दिया गया है। रिजर्व पानी दोनों बांध पर बनीं पांच पेयजल परियोजनाओं को दिया जाएगा। पहले जहां धंधरौल बांध में 13 फीट पानी रिजर्व रखा जाता था, वह बढ़ाकर 19.7 फीट कर दिया गया है। इसी तरह से नगवां बांध में अब 8 फीट अतिरिक्त पानी रिजर्व रखा जाएगा। दोनों बांध के पानी से चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र के लाखों किसान खरीफ एवं रबी फसल की सिंचाई करते हैं। अब दोनों बांध में अतिरिक्त रिजर्व पानी रखने से तीनों जिले के किसानों को सिंचाई के लिए समय से पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। संवाद
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धंधरौल बांध से 61 हजार हेक्टेयर में होती है सिंचाई
करीब 105 साल पुराने धंधरौल बांध में जल संचयन की कुल क्षमता करीब 32.5 फीट (4570 एमसीएफटी) है। फसलों की सिंचाई के उद्देश्य से बने धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर, शाहगंज रजवाहा सहित कई अन्य सहायक नहरें निकाली हैं। इससे सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज, करमा, घोरावल ब्लॉक के किसानों के साथ ही मिर्जापुर के मड़िहान ब्रांच के किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी मिलता है। मगर अब किसानों को पानी मिलने की उम्मीदें कम हो गई है। धंधरौल बांध से दोनों जिले में करीब 61 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई होती है।
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नगवां में 8 फीट रखा जाएगा अतिरिक्त पानी
विकास खंड नगवां में बने नगवां बांध से सोनभद्र के साथ ही चंदौली जिले के किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी मिलता है। नगवां बांध पर पेयजल की दो परियोजनाएं तेन्दुआही और नगवां बन रही है। दोनों परियोजना से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी की सप्लाई करनी है। दोनों पेयजल योजना शुरू होने के बाद किसानों के सामने खेती का संकट खड़ा हो जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार नगवां बांध की क्षमता 56 फीट है। वर्तमान में पानी 44 फीट से अधिक है। पहले बांध में 25 फीट पानी रिजर्व रखा जाता था। मगर दो पेयजल परियोजना बनने के बाद अब नगवां बांध में 33 फीट पानी रिजर्व रखा जाएगा। नगवां बांध से सोनभद्र और चंदौली जिले में 35 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है।
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कितना पानी लिया, कितना बचा कोई हिसाब नहीं
शासन की तरफ से मनोनीत सिंचाई बंधु के जिला उपाध्यक्ष रवि प्रकाश देव पांडेय का कहना है कि हर घर नल जल योजना के लिए पानी तो नगवां और धंधरौल बांध से लिया जा रहा है। मगर उसका हिसाब देने वाला कोई नहीं है कि कितना पानी लिया और कितना शेष है। ऐसे में सवाल उठता है आखिर किसानों का पानी कहां गया। शासन और जिला प्रशासन को इस तरह के अन्याय पर रोक लगाई जानी चाहिए।


धंधरौल बांध में पानी संचय की कुल क्षमता 32.5 फीट यानी (4570 एमसीएफटी) है। पहले बांध में 13 फीट पानी रिजर्व रखा जाता था। पेयजल परियोजनाओं के बनने के पश्चात बांध में 19.7 फीट (1380 एमसीएफटी) पानी रिजर्व रखना है। बारिश के बाद बांध में 21 फीट पानी हो गया है। इसी तरह नगवां बांध में 25 फीट के बजाय अब 33 फीट पानी रिजर्व रखा जाएगा। - राजीव प्रसाद, सहायक अभियंता, एमसीडी-मिर्जापुर।
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