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पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Thu, 02 Jun 2016 09:58 PM IST
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रेणुकूट के मुर्धवा में गुरुवार को पानी के लिए विरोध प्रदर्शन करते लोग।
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म्योरपुर ब्लॉक के मुर्धवा ग्राम पंचायत में पेयजल के संकट पर लोगों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर आ गया। क्षुब्ध लोगों ने हाईटेक रोड पर डिब्बा-बाल्टी रखकर चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क पर आवागमन अवरुद्ध हो गया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष पिपरी ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
सड़क पर आए लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाईटेक मार्ग पर जाम से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। मुर्धवा के ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रतिदिन भोर में चार बजे से डिब्बा-बाल्टी लेकर पानी के लिए लाइन लगाते हैं। जब दोपहर में करीब 12 बजे टैंकर आता है तो उसमें आधा टैंकर ही पानी रहता है। इससे तमाम लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं। कई बार इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक की जा चुकी है लेकिन अब तक पानी का कोई इंतजाम नहीं हुआ। इससे काफी संकट की स्थिति रहती है। लोगों ने कहा कि गांव के लिए 22 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना अंतिम चरण में है लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण लेट लतीफी का शिकार हो गया है।
मुर्धवा-खाड़पाथर में जल स्तर काफी नीचे चले जाने से हैंडपंपों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को टैंकर पानी देने के लिए आया, लेकिन आधा से कम लोगों को ही पानी मिल सका। पिपरी के थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने लोगों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। उधर डीएम ने वार्ता में कहा कि वे खुद मुर्धवा परियोजना की मानीटरिंग कर रहे हैं। दो दिन में परियोजना को चालू करा दिया जाएगा ताकि पानी संकट से निजात मिल सके। प्रदर्शन करने वालों में रवीश कुमार, संत राम, रघुवीर, रग्घू, विनोद, रविंद्र, राजीव, मनोज, जितेंद्र, नंद कुमार मौजूद रहे।
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सड़क पर आए लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाईटेक मार्ग पर जाम से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। मुर्धवा के ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रतिदिन भोर में चार बजे से डिब्बा-बाल्टी लेकर पानी के लिए लाइन लगाते हैं। जब दोपहर में करीब 12 बजे टैंकर आता है तो उसमें आधा टैंकर ही पानी रहता है। इससे तमाम लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं। कई बार इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक की जा चुकी है लेकिन अब तक पानी का कोई इंतजाम नहीं हुआ। इससे काफी संकट की स्थिति रहती है। लोगों ने कहा कि गांव के लिए 22 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना अंतिम चरण में है लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण लेट लतीफी का शिकार हो गया है।
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मुर्धवा-खाड़पाथर में जल स्तर काफी नीचे चले जाने से हैंडपंपों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को टैंकर पानी देने के लिए आया, लेकिन आधा से कम लोगों को ही पानी मिल सका। पिपरी के थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने लोगों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। उधर डीएम ने वार्ता में कहा कि वे खुद मुर्धवा परियोजना की मानीटरिंग कर रहे हैं। दो दिन में परियोजना को चालू करा दिया जाएगा ताकि पानी संकट से निजात मिल सके। प्रदर्शन करने वालों में रवीश कुमार, संत राम, रघुवीर, रग्घू, विनोद, रविंद्र, राजीव, मनोज, जितेंद्र, नंद कुमार मौजूद रहे।
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