सोनभद्र/ओबरा। भारत-चीन सीमा पर झड़प में भारत के जवानों के शहीद होने से लोगों में असंतोष बढ़ गया है। बुधवार को लोगों ने चीनी सामान जलाकर इसका विरोध शुरू कर दिया है। ऐसे में उन्होंने सीमा पर शहीद हुए भारतीय जवानों को नम आंखों से श्रदांजलि अर्पित की ओर चीनी सामान का प्रयोग न करने का संकल्प लिया। मारवाड़ी युवा मंच एवं महिला शाखा ने राबर्ट्सगंज स्थित राजस्थान भवन में लद्दाख में हुए हमले के विरोध में चीनी सामान का बहिष्कार किया और उसे आग के हवाले कर गुस्से का इजहार किया। अध्यक्ष पंकज कनोडिया ने बताया कि चीन की हम सब घोर निंदा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह चीनी सामान का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान को उपयोग में लाने का संकल्प लें। इस दौरान निशा अग्रवाल, चंचल अग्रवाल, सुलोचना सांवरिया, पूनम केडिया, दीप्ति केडिया, खुशबू खेतान, पूजा अग्रवाल, निकी कनोडिया, विनोद कनोडिया मौजूद रहे। ओबरा: भारत चीन सीमा पर सोमवार की रात भारतीय सेना व चीनी सैनिकों से हुई हिंसक झड़प में देश के 20 सैनिकों की हुई शहादत से आक्रोशित व्यापारियों ने नगर के वीआईपी रोड पर चीनी सामान जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने नारेबाजी के बीच बच्चो के खिलौने, पेंसिल कटर, चीनी झालर, कैलकुलेटर, एलईडी बल्ब को जलाकर विरोध जताया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे यूपी उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के उपाध्यक्ष आलोक भाटिया ने कहा कि चीन लद्दाख के गालवन घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा का उलंघन करते हुए भारत को हेकड़ी दिखा रहा है। देश ने हमेशा पड़ोसी देशों से मधुर संबंध बनाने में विश्वास रखा है। इसके बावजूद अगर भारत पर युद्ध थोपा गया तो ईट का जबाब पत्थर से देने में पूरी तरह देश सक्षम है। जिला महामंत्री सुशील कुशवाहा ने कहा कि चीन भारत को कमजोर समझकर बहुत गलत फहमी में है। व्यापारियों ने गालवन घाटी में शहीद हुए 20 जवानों के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की। प्रदर्शन करने वालो में डा0 आर सी मौर्या, ओम प्रकाश तिवारी, कृष्ण कांत पांडेय, वीरेंद्र यादव, विनोद बंशल, मुरली विश्वकर्मा, अन्वेष अग्रवाल, पवन मिश्रा, रविंद्र गर्ग, रंग बहादुर सिंह पटेल, आदि लोग मौजूद रहे।