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प्रसव के दौरान नवजात की मौत, किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:06 AM IST
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पुराने सीएमओ कार्यालय परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र में रविवार को प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। इससे गुस्साए प्रसूता के घरवालों ने हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मियों पर सुविधा शुल्क की मांग करने का आरोप लगाया। नगर में स्थित एक निजी क्लिनिक में प्रसूता को भर्ती कराया गया है। सीएमओ ने जांच टीम बना दी है।
पुलिस के मुताबिक अलसुबह राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के चेरूई गांव निवासी नीलू (25) को प्रसवोत्तर केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही प्रसूता के घरवाले आग बबूला हो गए। घरवालों का आरोप था कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से मौत हुई है। अगर जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर थी तो भर्ती नहीं करना चाहिए था। आरोप लगाया कि एक महिला स्वास्थ्यकर्मी कुछ रुपये की भी डिमांड की थी।
वहीं स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि गर्भवती महिला की हालत नाजुक थी। रुपये मांगने का आरोप गलत हैै। दोपहर करीब 12 बजे प्रसूता की हालत गंभीर होने पर घरवाले उसे नगर में स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए। यहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। समाचार लिखे जाने तक प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई थी। उधर हंगामा होने की सूचना मिलने पर चौकी पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन फोर्स के पहुंचने से पहले घरवाले चले गए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि डॉ. आरसी चतुर्वेदी को नीलू के बच्चे की मौत कैसे हुई इसकी जांच कर तीन दिनों केे भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के मुताबिक अलसुबह राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के चेरूई गांव निवासी नीलू (25) को प्रसवोत्तर केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही प्रसूता के घरवाले आग बबूला हो गए। घरवालों का आरोप था कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से मौत हुई है। अगर जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर थी तो भर्ती नहीं करना चाहिए था। आरोप लगाया कि एक महिला स्वास्थ्यकर्मी कुछ रुपये की भी डिमांड की थी।
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वहीं स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि गर्भवती महिला की हालत नाजुक थी। रुपये मांगने का आरोप गलत हैै। दोपहर करीब 12 बजे प्रसूता की हालत गंभीर होने पर घरवाले उसे नगर में स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए। यहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देख भर्ती कर लिया। समाचार लिखे जाने तक प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई थी। उधर हंगामा होने की सूचना मिलने पर चौकी पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन फोर्स के पहुंचने से पहले घरवाले चले गए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि डॉ. आरसी चतुर्वेदी को नीलू के बच्चे की मौत कैसे हुई इसकी जांच कर तीन दिनों केे भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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