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एक दिन राहत के बाद फिर से बिजली की मांग में बढ़ी
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पश्चिमी विछोभ की सक्रियता से आसमान में छाए बादलों के कारण सोमवार को बिजली की मांग में आंशिक गिरावट देखी गई थी, मगर मंगलवार को फिर से सूरज की तपिश बढ़ने से बिजली की मांग में इजाफा हुआ है। अपराह्न दोपहर दो बजे से पूर्व ही बिजली की मांग बढ़कर 22 हजार मेगावाट पहुंच गई।
बिजली की बढ़ती मांग के सापेक्ष उपलब्धता 13 हजार मेगावाट के आसपास बनी रही। अतिरिक्त मांग पूरी करने के लिए निगम को एनर्जी एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। हालांकि दो दिन लगातार 25 हजार मेगावाट पार करने वाली बिजली की अधिकतम मांग सोमवार को घटकर 23890 मेगावाट के स्तर पर आ गई। इस दौरान न्यूनतम मांग भी रविवार के 17370 मेगावाट के सापेक्ष 15956 मेगावाट दर्ज किया गया। दूसरी तरफ गर्मी के रौद्र रूप में आते ही मंगलवार को एक बार फिर से पीक ऑवर में बिजली की मांग 25 हजार मेवा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
निगम से रिकार्ड 4703 मेगावाट उत्पादन
बिजली की बढ़ी मांग के बीच पारीछा एवं ओबरा बी की 11वीं इकाई को छोड़कर शेष सभी इकाइयों से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इससे निगम का उत्पादन बढ़कर 4703 मेगावाट पहुंच गया। मंगलवार दोपहर अनपरा ए से 501, बी से 888, उी से 944 व अनपरा सी लैंको से 1114 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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ओबरा की एक और इकाई चालू
बिजली की बढ़ती मांग के बीच ओबरा की बंद एक और इकाई के चालू होने से निगम को थोड़ी राहत मिली है। शनिवार को दिन में ओबरा-बी परियोजना की पांच में से 9, 11 व 12 नंबर इकाई तकनीकी फाल्ट से बंद हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने युद्ध स्तर पर पहल कर शनिवार की ही देर रात तक 12 नंबर इकाई को लोड पर ले लिया गया। बीटीएल हुई नौ नंबर इकाई को भी लोड पर ले लिया गया है। अभी 11 नंबर इकाई बंद चल रही है। इसका अनुरक्षण जोरों पर हैं। कुल 1000 मेगावाट वाली ओबरा बी परियोजना की तीन इकाइयों से 600 मेगावाट के सापेक्ष 479 मेगावाट बिजली मिल रही है। इकाई नंबर 13 पहले से ही बंद चल रही है।
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बिजली की बढ़ती मांग के सापेक्ष उपलब्धता 13 हजार मेगावाट के आसपास बनी रही। अतिरिक्त मांग पूरी करने के लिए निगम को एनर्जी एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। हालांकि दो दिन लगातार 25 हजार मेगावाट पार करने वाली बिजली की अधिकतम मांग सोमवार को घटकर 23890 मेगावाट के स्तर पर आ गई। इस दौरान न्यूनतम मांग भी रविवार के 17370 मेगावाट के सापेक्ष 15956 मेगावाट दर्ज किया गया। दूसरी तरफ गर्मी के रौद्र रूप में आते ही मंगलवार को एक बार फिर से पीक ऑवर में बिजली की मांग 25 हजार मेवा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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निगम से रिकार्ड 4703 मेगावाट उत्पादन
बिजली की बढ़ी मांग के बीच पारीछा एवं ओबरा बी की 11वीं इकाई को छोड़कर शेष सभी इकाइयों से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इससे निगम का उत्पादन बढ़कर 4703 मेगावाट पहुंच गया। मंगलवार दोपहर अनपरा ए से 501, बी से 888, उी से 944 व अनपरा सी लैंको से 1114 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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ओबरा की एक और इकाई चालू
बिजली की बढ़ती मांग के बीच ओबरा की बंद एक और इकाई के चालू होने से निगम को थोड़ी राहत मिली है। शनिवार को दिन में ओबरा-बी परियोजना की पांच में से 9, 11 व 12 नंबर इकाई तकनीकी फाल्ट से बंद हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने युद्ध स्तर पर पहल कर शनिवार की ही देर रात तक 12 नंबर इकाई को लोड पर ले लिया गया। बीटीएल हुई नौ नंबर इकाई को भी लोड पर ले लिया गया है। अभी 11 नंबर इकाई बंद चल रही है। इसका अनुरक्षण जोरों पर हैं। कुल 1000 मेगावाट वाली ओबरा बी परियोजना की तीन इकाइयों से 600 मेगावाट के सापेक्ष 479 मेगावाट बिजली मिल रही है। इकाई नंबर 13 पहले से ही बंद चल रही है।