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Sonebhadra News: भ्रष्टाचार में लिप्त दो सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों और उनकी पत्नी पर होगी कार्रवाई

Wed, 31 Jan 2024 01:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jan 2024 01:25 AM IST
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Action will be taken against two retired police personnel and their wife involved in corruption
सोनभद्र। एक माह पूर्व ओबरा थाने में दो सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों और उनकी पत्नियों पर दर्ज भ्रष्टाचार के मुकदमे को एंटी करप्शन थाना मिर्जापुर ट्रांसफर कर दिया गया है। अब वहीं से इसकी विवेचना होगी। आरोपियों पर आगे और सख्ती की तैयारी है।
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गत 23 दिसंबर को ओबरा पुलिस को दी गई तहरीर में एंटी करप्शन के निरीक्षक अशोक सिंह ने बताया था कि गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद सानिंदा निवासी विनोद राय सोनभद्र में आरक्षी पद पर और उनके भाई रवींद्र नाथ राय मुख्य आरक्षी के पद पर मिर्जापुर में तैनात थे। दोनों ने अपनी पत्नियों मीना राय और मुन्नी राय के नाम से बिल्ली मारकुंडी में न्यू सर्वोदय इंटर प्राइजेज (पूर्व नाम आरके इंटरप्राइजेज) स्थापित किया। उनके विरुद्ध शिकायत मिलने पर जांच की गई तो रवींद्र नाथ राय ने निर्धारित अवधि में विभिन्न ज्ञात स्रोतों से 43.46 लाख रुपये अर्जित किए और 73.22 लाख रुपये व्यय किए। यह आय से 68 फीसदी अधिक है।
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इसी तरह विनोद राय ने 1.35 करोड़ रुपये अर्जित करते हुए 1.79 करोड़ रुपये व्यय किए। वहीं, अन्य संपत्ति अर्जित करने का अंदेशा है। इस आय के बाबत दोनों ने सही जवाब भी नहीं दिया। जांच में दोनों के सरकारी सेवा में रहते हुए पत्नी के साथ मिलकर गलत तरीके से गिट्टी का व्यवसाय करने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद एंटी करप्शन के आईजी के निर्देश पर कार्रवाई की गई। इसके आधार पर 23 दिसंबर को ओबरा पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दो अलग-अलग केस दर्ज किया था। हालांकि ओबरा थाने में केस होने के कारण मामले की विवेचना में कई तरह की समस्याएं आ रही थीं। जिसके बाद अब भ्रष्टाचार के दोनों मुकदमे को एंटी करप्शन पुलिस मिर्जापुर को ट्रांसफर कर दिया गया है। वहां 22 जनवरी को केस को फिर से रजिस्टर किया गया है। दोनों केस की जांच अलग-अलग विवेचकों को सौंपी गई है। विनोद राय और मीना राय के मुकदमे की जांच निरीक्षक दिग्विजय नाथ तिवारी को सौंपी गई है, जबकि रवींद्रनाथ राय और उसकी पत्नी मुन्नी राय के केस की विवेचना अनिल कुमार चौरसिया को सौंपी गई है। ऐसे में अब चारों आरोपियों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
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जांच शुरू हुई तो ले ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
पुलिस के मुताबिक मिर्जापुर के पड़री में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात रहे रवींद्र नाथ राय 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं सोनभद्र में पीआरवी में तैनात रहे आरक्षी विनोद राय ने शिकायत की जांच के दौरान की अप्रैल 2019 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

ओबरा थाने में दर्ज दोनों मुकदमों को एंटी करप्शन थाना मिर्जापुर ट्रांसफर किया गया है। मामले में सरकारी सेवा में रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है। - विनय सिंह, प्रभारी एंटी करप्शन मिर्जापुर।
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