सोनभद्र। जिला स्वास्थ्य समिति/शासी निकाय की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम चंद्र विजय सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में किए जा रहे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान छह माह से अनुपस्थित एक डॉक्टर सहित चार स्वास्थ्य कर्मियों के सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने डॉक्टर, एएनएम, आशा की उपस्थिति व उनके तरफ से किये जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली, तो यह तथ्य संज्ञान में आया कि डॉक्टर गितिका कनौजिया जिला कंसेल्टेंट क्वालिटी, एएनएम कुमारी सुभम, कुमारी शिवानी, आंचल विगत छह माह से अनुपस्थित चल रही हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल अनुपस्थित डॉक्टर व एएनएम के सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने केेे लिए सीएमओ को निर्देशित किया। कहा कि जो आशा, एएनएम शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कार्य नहीं कर रही हैं उनकी सूची तैयार कर, उनके विरुद्ध भी सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके लिए जो भी कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं, वह उन कार्यक्रमों की निरन्तर गहन समीक्षा करें। समीक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, जिन एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में शिथिलता बरती जाएगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्रों में होने वाले प्रसव चिकित्सालय में ही कराए जाएं। जिले में संचालित नर्सिंग होम, चिकित्सालयों की जांच के लिए डॉ. जीएस यादव को निर्देशित किया। कहा कि प्राईवेट चिकित्सालयों से प्रति माह पैथोलॉजी में रजिस्ट्रेशन टीकाकरण की रिपोर्ट, प्रसव की रिपोर्ट, नसबन्दी व जॉच के दौरान चिन्हित किए गए टीबी के मरीजों के संबंध में रिपोर्ट ली जाए। डीपीओ अजीत सिंह को निर्देशित किया कि एनआरसी और एसएनसीयू में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या की, किस ब्लाक से कितने बच्चे आते हैं। उसकी विगत छह माह की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य रूप से सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा, सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर, डीपीओ अजीत सिंह, डीपीआरओ विशाल सिंह आदि उपस्थित रहे।