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शिक्षकों के मांगों की अनदेखी का आरोप
sonebhadra news
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:04 AM IST
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सोनभद्र। माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कायाज़्लय पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। यहां सभा कर सरकार पर शिक्षकों के मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शंन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्री मांगपत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
धरना सभा में शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एमएलसी चेतनारायण सिंह ने कहा कि सरकार ने नई पेंशन नीति लागू की है जो अव्यवहारिक और अस्वीकार है। इस पेंशन नीति को निरस्त कर पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए। राज्य कर्मंचारियों की तरह शिक्षकों और कमज़्चारियों को भी चिकित्सीय सुविधा दिलाने की मांग उन्होंने उठाई। एमएलसी ने कहा कि अद्यतन पद के प्रति कार्यंरत प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का अब तक विनीयमितीकरण नहीं किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि प्रशिक्षित स्नातक वेतनक्त्रस्म में कार्यंरत शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान के लिए स्नातकोत्तर उपाधि की बाध्यता समाप्त की जानी चाहिए। उन्होंने जिले में अवैध रूप से बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों को बंद कराने की मांग भी उठाई। प्रदर्शंन में जिलाध्यक्ष नंदलाल शुक्ला, जिला मंत्री पंकज कुमार पांडेय, उमाकांत मिश्रा, रविंद्र देव पांडेय, शेषनाथ तिवारी, मंजू सिंह, अनिल सिंह, दामोदर सिंह, डा. विजेंद्र सिंह, संतोष तिवारी शामिल रहे।
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धरना सभा में शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एमएलसी चेतनारायण सिंह ने कहा कि सरकार ने नई पेंशन नीति लागू की है जो अव्यवहारिक और अस्वीकार है। इस पेंशन नीति को निरस्त कर पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए। राज्य कर्मंचारियों की तरह शिक्षकों और कमज़्चारियों को भी चिकित्सीय सुविधा दिलाने की मांग उन्होंने उठाई। एमएलसी ने कहा कि अद्यतन पद के प्रति कार्यंरत प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का अब तक विनीयमितीकरण नहीं किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि प्रशिक्षित स्नातक वेतनक्त्रस्म में कार्यंरत शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान के लिए स्नातकोत्तर उपाधि की बाध्यता समाप्त की जानी चाहिए। उन्होंने जिले में अवैध रूप से बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों को बंद कराने की मांग भी उठाई। प्रदर्शंन में जिलाध्यक्ष नंदलाल शुक्ला, जिला मंत्री पंकज कुमार पांडेय, उमाकांत मिश्रा, रविंद्र देव पांडेय, शेषनाथ तिवारी, मंजू सिंह, अनिल सिंह, दामोदर सिंह, डा. विजेंद्र सिंह, संतोष तिवारी शामिल रहे।
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