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वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग बना जानलेवा
Sonbhadra
Updated Wed, 20 Mar 2013 05:30 AM IST
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सोनभद्र। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के चलते सड़क पर दो पहिया वाहनों से चलना खतरे से खाली नहीं है। सड़क की दोनों पटरी दो-तीन फिट तक गहरी कर दी गई हैं। इससे सामने से वाहन आने पर लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। लापरवाही ऐसी कि जहां खोदाई होती है, वहां सावधान करने के लिए बोर्ड तक नहीं रखा जाता है।
वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के चौड़ीकरण से लोगों को राहत जरूर होगी लेकिन वर्ममान समय में यह लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। अहरौरा से हाथीनाला तक सड़क को चौड़ी किया जाना है। खूनी सड़क के नाम से प्रसिद्ध यह मार्ग अब और खतरनाक हो गया है। इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम करीब तीन महीने पहले शुरू हुआ था। इस सड़क को चेतक कंपनी बना रही है। वन निगम द्वारा सड़क के किनारे के पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं सड़क निर्माण करने वाली कंपनी जेसीबी और पोकलेन से पटरी की खोदाई कर रही है। पटरियों को करीब तीन फिट तक खोदा जा रहा है। खोदने के बाद समतलीकरण में कई दिन लग जा रहे हैं। इससे जगह-जगह जाम लग रहे और हादसे हो रहे हैं। थोड़ी सी सावधानी हटने पर लोग बाइक लेकर खोदी गई पटरी में कूद जाते हैं। ऐसा बड़े वाहनों से बचने के चक्कर में हो रहा है। पटरी की खोदाई एक तरफ से न करके बीच-बीच में करते हैं। इससे लोग समझ नहीं पाते कि कहां खोदाई हुई है। दुर्घटना से बचने के लिए कोई बोर्ड भी नहीं रखा जाता है। जेसेबी और पोकलेन संचालक भी लापरवाही से खोदाई कर रहे हैं। इस समय राबर्ट्सगंज के आसपास पटरी की खोदाई का काम चल रहा है।
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वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के चौड़ीकरण से लोगों को राहत जरूर होगी लेकिन वर्ममान समय में यह लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। अहरौरा से हाथीनाला तक सड़क को चौड़ी किया जाना है। खूनी सड़क के नाम से प्रसिद्ध यह मार्ग अब और खतरनाक हो गया है। इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम करीब तीन महीने पहले शुरू हुआ था। इस सड़क को चेतक कंपनी बना रही है। वन निगम द्वारा सड़क के किनारे के पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं सड़क निर्माण करने वाली कंपनी जेसीबी और पोकलेन से पटरी की खोदाई कर रही है। पटरियों को करीब तीन फिट तक खोदा जा रहा है। खोदने के बाद समतलीकरण में कई दिन लग जा रहे हैं। इससे जगह-जगह जाम लग रहे और हादसे हो रहे हैं। थोड़ी सी सावधानी हटने पर लोग बाइक लेकर खोदी गई पटरी में कूद जाते हैं। ऐसा बड़े वाहनों से बचने के चक्कर में हो रहा है। पटरी की खोदाई एक तरफ से न करके बीच-बीच में करते हैं। इससे लोग समझ नहीं पाते कि कहां खोदाई हुई है। दुर्घटना से बचने के लिए कोई बोर्ड भी नहीं रखा जाता है। जेसेबी और पोकलेन संचालक भी लापरवाही से खोदाई कर रहे हैं। इस समय राबर्ट्सगंज के आसपास पटरी की खोदाई का काम चल रहा है।
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