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सौ बेड वाले ट्रॉमा सेंटर का भेजा प्रस्ताव
Sonbhadra
Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
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सोनभद्र। किलर रोड के नाम से कुख्यात वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर आए दिन होने वाले हादसों को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। महकमे ने जिले में ट्रॉमा सेंटर की आवश्यकता जताते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। विभाग ने सौ बेड वाले ट्रॉमा सेंटर का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर अक्सर हादसे होते हैं। इन हादसों में जहां एक वर्ष में दर्जनों लोग मौत के शिकार हो जाते हैं वहीं सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। दुर्घटना में हाथ-पैर टूट जाता है या फिर जिन्हें हेड इंजरी होती है, उन लोगों को तत्काल जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाता है। वजह जिला अस्पताल में सिटी स्केन की व्यवस्था नहीं है। प्रति माह ऐसे करीब सौ मरीज जिला अस्पताल में पहुंच ही जाते हैं जिनका सिटी स्केन कराना जरूरी हो जाता है। इसी तरह से दुर्घटनाग्रस्त लोगों को यदि फौरन ऑपरेशन की जरूरत होती है तो भी उन्हें बनारस का ही रास्ता दिखा दिया जाता है। इससे तमाम लोग तो फौरन इलाज की समुचित व्यवस्था न हो पाने के कारण दम तोड़ देते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस समस्याओं को गंभीरता से लिया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामअवध यादव का कहना है कि विभाग ने चोपन और राबर्ट्सगंज के बीच किसी एक जगह पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। यह सेंटर 100 बेड का होगा और इसके लिए चिकित्सकों समेत पैरामेडिकल स्टाफ व जरूरी उपकरणों को भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। विभागीय स्तर पर यह प्रस्ताव लंबित है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से भी मंत्रणा की गई है और उन्हें भी प्रस्ताव दिया गया है।
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वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर अक्सर हादसे होते हैं। इन हादसों में जहां एक वर्ष में दर्जनों लोग मौत के शिकार हो जाते हैं वहीं सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। दुर्घटना में हाथ-पैर टूट जाता है या फिर जिन्हें हेड इंजरी होती है, उन लोगों को तत्काल जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाता है। वजह जिला अस्पताल में सिटी स्केन की व्यवस्था नहीं है। प्रति माह ऐसे करीब सौ मरीज जिला अस्पताल में पहुंच ही जाते हैं जिनका सिटी स्केन कराना जरूरी हो जाता है। इसी तरह से दुर्घटनाग्रस्त लोगों को यदि फौरन ऑपरेशन की जरूरत होती है तो भी उन्हें बनारस का ही रास्ता दिखा दिया जाता है। इससे तमाम लोग तो फौरन इलाज की समुचित व्यवस्था न हो पाने के कारण दम तोड़ देते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस समस्याओं को गंभीरता से लिया है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामअवध यादव का कहना है कि विभाग ने चोपन और राबर्ट्सगंज के बीच किसी एक जगह पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। यह सेंटर 100 बेड का होगा और इसके लिए चिकित्सकों समेत पैरामेडिकल स्टाफ व जरूरी उपकरणों को भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। विभागीय स्तर पर यह प्रस्ताव लंबित है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से भी मंत्रणा की गई है और उन्हें भी प्रस्ताव दिया गया है।
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