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छह माह से जले ट्रांसफार्मर की सुध नहीं
Sonbhadra
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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घोरावल। ब्लाक के सतौहा गांव में छह माह से जले ट्रांसफार्मर की किसी को सुध नहीं है। इा बीच इसके मरम्मत को लेकर बिजली महकमा भी बेसुध है। विभाग के अफसर और कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। अंधेरे में रह रहे उपभोक्ताओं ने ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी ट्रांसफार्मर जलता है विभाग के कर्मचारी पल्ला झाड़ लेते हैं। उनका साफ कहना रहता है कि ट्रांसफार्मर लाने और ले जाने का खर्च विभाग नहीं देता है। पूर्व में दो बार चार-चार हजार रुपये अपनी जेब से खर्च कर ट्रांसफार्मर बदलवाया था लेकिन हर बार ट्रांसफार्मर लगने के कुछ ही दिनों में वह जल जाता है। कुछ दिनों पूर्व बिजली के तार खराब व जर्जर होने के कारण कुछ मवेशियों की झुलस कर मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो तार ही बदले गए और न ही बिजली व्यवस्था में अभी तक कोई सुधार ही किया जा सका है। उच्चाधिकारियों से बार-बार शिकायत करने पर भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। गांव के प्रवीण दूबे, राजेश दूबे, रामकेश यादव का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त नहीं होती है तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब भी ट्रांसफार्मर जलता है विभाग के कर्मचारी पल्ला झाड़ लेते हैं। उनका साफ कहना रहता है कि ट्रांसफार्मर लाने और ले जाने का खर्च विभाग नहीं देता है। पूर्व में दो बार चार-चार हजार रुपये अपनी जेब से खर्च कर ट्रांसफार्मर बदलवाया था लेकिन हर बार ट्रांसफार्मर लगने के कुछ ही दिनों में वह जल जाता है। कुछ दिनों पूर्व बिजली के तार खराब व जर्जर होने के कारण कुछ मवेशियों की झुलस कर मौत हो गई थी। इसके बावजूद न तो तार ही बदले गए और न ही बिजली व्यवस्था में अभी तक कोई सुधार ही किया जा सका है। उच्चाधिकारियों से बार-बार शिकायत करने पर भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। गांव के प्रवीण दूबे, राजेश दूबे, रामकेश यादव का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त नहीं होती है तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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