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पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा
Sonbhadra
Updated Sat, 05 Apr 2014 05:30 AM IST
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सोनभद्र। या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: बीजमंत्र के साथ शुक्रवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की आराधना की गई। माता के जयकारे से जनपद का कण-कण गुंजायमान रहा। हर मंदिर में आस्थावानों का तांता लगा रहा। घरों में हो रहे अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रों संग दुर्गा सप्तशती के श्लोक गुंजायमान रहे।
चिलचिलाती धूप के बावजूद भक्तों के पांव मां की दर की तरफ बढ़ते रहे। मां कुंडवासिनी, मां ज्वालामुखी, मां अमिला, मां वैष्णो धाम के दर पर सुबह से देर शाम तक भक्तों का दर्शन-पूजन का तांता लगा रहा। राबर्ट्सगंज के मेन चौक स्थित मां शीतला, अंबेडकर नगर स्थित सातों बहन शीतला के यहां श्रद्धालु उमड़े रहे। रामगढ़ स्थित काली मंदिर, शिवद्वार स्थित मां दुर्गा, चोपन स्थित मां काली मंदिर, दुद्धी स्थित मां काली मंदिर, ओबरा स्थित शारदा शक्ति पीठ, शीतला मंदिर, गोठानी स्थित वंशरा देवी, अगोरी दुर्ग स्थित दुर्गा मंदिर आदि जगहों पर सुबह से ही देवी के आराधकों की भीड़ जुटी रही। भक्तों ने नारियल, चुनरी एवं अन्य पूजन सामग्री भेंट कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। बच्चे, बूढ़े, पुरुष, महिलाएं हर किसी के मन में माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए मचलता रहा। चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है.., मां के दर पर आए हैं, चुनर चढ़ाने आए हैं.. जैसे देवी गीतों से सोनांचल का चप्पा-चप्पा गुंजायमान रहा। उधर साधक ब्रह्ममुहूर्त से ही मां की आराधना कर सिद्धियां पाने की जुगत में जुटे रहे। सभी प्रमुख मंदिरों पर भक्तों की भीड़ मंदिर समितियों के लोगों के पसीने छुड़ाए रही। यहां सुरक्षा के जहां कड़े प्रबंध बनाए रखे गए, वहीं भगदड़ या किसी तरह की अप्रिय स्थिति न आने पाए, इसके लिए बैरीकेडिंग व्यवस्था बनी रही। आज मां के कात्यायिनी स्वरूप की पूजा की जाएगी। बताते हैं कि मां का यह रूप रोग, शोक, संताप, भय को नष्ट करने वाला है। मां ने कात्यायिनी ऋषि की पुत्री में अवतार लिया था। तभी से मां की कात्यायिनी स्वरूप में पूजा-अर्चना चली आ रही है। मां कात्यायिनी की आराधना अाज होगी।
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चिलचिलाती धूप के बावजूद भक्तों के पांव मां की दर की तरफ बढ़ते रहे। मां कुंडवासिनी, मां ज्वालामुखी, मां अमिला, मां वैष्णो धाम के दर पर सुबह से देर शाम तक भक्तों का दर्शन-पूजन का तांता लगा रहा। राबर्ट्सगंज के मेन चौक स्थित मां शीतला, अंबेडकर नगर स्थित सातों बहन शीतला के यहां श्रद्धालु उमड़े रहे। रामगढ़ स्थित काली मंदिर, शिवद्वार स्थित मां दुर्गा, चोपन स्थित मां काली मंदिर, दुद्धी स्थित मां काली मंदिर, ओबरा स्थित शारदा शक्ति पीठ, शीतला मंदिर, गोठानी स्थित वंशरा देवी, अगोरी दुर्ग स्थित दुर्गा मंदिर आदि जगहों पर सुबह से ही देवी के आराधकों की भीड़ जुटी रही। भक्तों ने नारियल, चुनरी एवं अन्य पूजन सामग्री भेंट कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। बच्चे, बूढ़े, पुरुष, महिलाएं हर किसी के मन में माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए मचलता रहा। चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है.., मां के दर पर आए हैं, चुनर चढ़ाने आए हैं.. जैसे देवी गीतों से सोनांचल का चप्पा-चप्पा गुंजायमान रहा। उधर साधक ब्रह्ममुहूर्त से ही मां की आराधना कर सिद्धियां पाने की जुगत में जुटे रहे। सभी प्रमुख मंदिरों पर भक्तों की भीड़ मंदिर समितियों के लोगों के पसीने छुड़ाए रही। यहां सुरक्षा के जहां कड़े प्रबंध बनाए रखे गए, वहीं भगदड़ या किसी तरह की अप्रिय स्थिति न आने पाए, इसके लिए बैरीकेडिंग व्यवस्था बनी रही। आज मां के कात्यायिनी स्वरूप की पूजा की जाएगी। बताते हैं कि मां का यह रूप रोग, शोक, संताप, भय को नष्ट करने वाला है। मां ने कात्यायिनी ऋषि की पुत्री में अवतार लिया था। तभी से मां की कात्यायिनी स्वरूप में पूजा-अर्चना चली आ रही है। मां कात्यायिनी की आराधना अाज होगी।
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