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मुआवजे के सवाल पर 12 घंटे तक रहा झाम
Sonbhadra
Updated Fri, 04 Apr 2014 05:30 AM IST
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सोनभद्र (ब्यूरो)। मृतक आश्रितों को मुआवजा दिए जाने का सवाल 12 घंटे तक झाम फंसाए रहा। सुबह पांच बजे से शुरू हुआ मुआवजे का मसला शाम पांच बजे तक जाकर सुलझा। तब जाकर भाजपा कार्यकर्ता स्टेशन से शव लेकर उठे। इस बाबत ज्ञापन सौंपा।
हादसे में मरने वाले प्रमोद सिंह भाजयुमो के जिला महामंत्री रजनीश रघुवंशी के पिता थे। वहीं संजय सिंह गाजीपुर एमएलसी राजदेव सिंह के करीबी बताए जाते थे। इसके चलते जैसे ही दोनों के मौत की खबर मिली बड़ी तादाद में भाजपा नेता सुबह पांच बजते-बजते ओबरा धमक पडे़। रेलवे के लोगों से मिलकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी। दोपहर में विभागीय तौर पर महज 50 हजार का प्रावधान होने की बात सुन एमएलसी राजदेव सिंह, नपा अध्यक्ष कृष्णमुरारी गुप्ता, गोविंद यादव, धर्मवीर तिवारी, ओंकार केशरी, रजनीश आदि उखड़ पड़े और पीएम होते ही शवों को लेकर राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां रेल चक्काजाम करने की अनुमति मांगी। अनुमति न मिलने पर शव के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। शाम पांच बजे डीएमआरएम बीबी सिंह की ओर से 50 हजार के अलावा पांच-पांच लाख और दिए जाने और नौकरी के मसले पर समुचित विचार करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
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हादसे में मरने वाले प्रमोद सिंह भाजयुमो के जिला महामंत्री रजनीश रघुवंशी के पिता थे। वहीं संजय सिंह गाजीपुर एमएलसी राजदेव सिंह के करीबी बताए जाते थे। इसके चलते जैसे ही दोनों के मौत की खबर मिली बड़ी तादाद में भाजपा नेता सुबह पांच बजते-बजते ओबरा धमक पडे़। रेलवे के लोगों से मिलकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी। दोपहर में विभागीय तौर पर महज 50 हजार का प्रावधान होने की बात सुन एमएलसी राजदेव सिंह, नपा अध्यक्ष कृष्णमुरारी गुप्ता, गोविंद यादव, धर्मवीर तिवारी, ओंकार केशरी, रजनीश आदि उखड़ पड़े और पीएम होते ही शवों को लेकर राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां रेल चक्काजाम करने की अनुमति मांगी। अनुमति न मिलने पर शव के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। शाम पांच बजे डीएमआरएम बीबी सिंह की ओर से 50 हजार के अलावा पांच-पांच लाख और दिए जाने और नौकरी के मसले पर समुचित विचार करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
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