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अब खाद्यान्न नहीं बचा सकेंगे कोटेदार
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सोनभद्र। जिले के ई-पास मशीन से खाद्यान्न का वितरण करने वाले कोटेदार अब खाद्यान्न की कालाबाजारी नहीं कर सकेंगे। विभाग ने 50 फीसदी से कम खाद्यान्न वितरण करने वाले कोटेदारों के कार्यप्रणाली, कम वितरण के कारणों की जांच कराने का निर्णय लिया है। ऐसी 16 दुकानें भी चिह्नित की गई हैं।
शासन सस्ते गल्ले की दुकानों से खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन से वितरण करा रहा है। पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए वितरण सिस्टम में बदलाव के बावजूद तमाम ऐसे कोटेदार हैं, जिन्होंने सभी कार्डधारकों का खाद्यान्न का वितरण ही नहीं किया। आनलाइन इसकी मानीटरिंग होने के साथ ही लोगों की शिकायत पर यह मामला सामने आया। इस पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े आपूर्ति विभाग ने जब जांच शुरू कराना शुरू किया तो पता चला कि जिले में तमाम ऐसी दुकानें हैं, जहां 50 फीसदी से भी कम कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरित किया गया है। विभाग ने ऐसी 16 दुकानों को चिह्नित भी किया है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि चोपन ब्लॉक में सर्वाधिक नौ ऐसी दुकानें हैं, जहां 50 फीसदी से कम राशन वितरित हुआ। इसी तरह राबर्ट्सगंज ब्लॉक में चार, घोरावल में दो और चतरा ब्लॉक में एक दुकान चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि कोटा ग्राम पंचायत की चार, पड़रछ की एक, पटवध की दो समेत अन्य चिह्नित दुकानों पर 50 फीसदी से कम खाद्यान्न वितरण के कारणों का परीक्षण कराया जाएगा। यह पता लगाया जाएगा कि कोटेदार जान बूझकर कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण करने में लापरवाही बरत रहे हैं या फिर नेटवर्किंग की दिक्कत सामने आने की वजह से वितरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत है, लेकिन राबर्ट्सगंज ब्लॉक की चार दुकानों पर वितरण क्यों कम हुआ यह जांच का विषय है। डीएसओ ने बताया कि जांच कर इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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शासन सस्ते गल्ले की दुकानों से खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पास मशीन से वितरण करा रहा है। पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए वितरण सिस्टम में बदलाव के बावजूद तमाम ऐसे कोटेदार हैं, जिन्होंने सभी कार्डधारकों का खाद्यान्न का वितरण ही नहीं किया। आनलाइन इसकी मानीटरिंग होने के साथ ही लोगों की शिकायत पर यह मामला सामने आया। इस पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े आपूर्ति विभाग ने जब जांच शुरू कराना शुरू किया तो पता चला कि जिले में तमाम ऐसी दुकानें हैं, जहां 50 फीसदी से भी कम कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरित किया गया है। विभाग ने ऐसी 16 दुकानों को चिह्नित भी किया है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि चोपन ब्लॉक में सर्वाधिक नौ ऐसी दुकानें हैं, जहां 50 फीसदी से कम राशन वितरित हुआ। इसी तरह राबर्ट्सगंज ब्लॉक में चार, घोरावल में दो और चतरा ब्लॉक में एक दुकान चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि कोटा ग्राम पंचायत की चार, पड़रछ की एक, पटवध की दो समेत अन्य चिह्नित दुकानों पर 50 फीसदी से कम खाद्यान्न वितरण के कारणों का परीक्षण कराया जाएगा। यह पता लगाया जाएगा कि कोटेदार जान बूझकर कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण करने में लापरवाही बरत रहे हैं या फिर नेटवर्किंग की दिक्कत सामने आने की वजह से वितरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत है, लेकिन राबर्ट्सगंज ब्लॉक की चार दुकानों पर वितरण क्यों कम हुआ यह जांच का विषय है। डीएसओ ने बताया कि जांच कर इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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