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ओवरलोड बालू लदे ट्रकों से पुल पर मंडराया खतरा
Updated Tue, 01 May 2018 11:12 PM IST
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बीजपुर (सोनभद्र)। मध्यप्रदेश के बालू से यूपी के कुछ जनपदों के गांवों का भले ही विकास हो रहा हो लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर बिजली घर के लिए बालू का ढुलान चिंता का विषय बन गया है। एनटीपीसी रिहंद के निवर्तमान कार्यकारी निदेशक एस नरेंद्र ने यूपी और केंद्र सरकार को पत्र भेज कर मध्यप्रदेश से बीजपुर के रास्ते ओवरलोड बालू लेकर चलने वाले ट्रकों को तत्काल बंद कराने की मांग की थी। ओवरलोड बालू लदे ट्रकों के संचालन से एनटीपीसी द्वारा बनवाएं गए चार बड़े पुलों पर खतरा मंडराने लगा है।
ओवरलोड बालू से लदे ट्रकों का संचालन एनटीपीसी द्वारा बनवाएं गए चार बड़े पुल बरन, खुनी, रेणबांध और मयार पुल से होता है। एनटीपीसी के ये सभी पुल इस कदर जर्जर हो गए है कि ओवरलोड ट्रकों का दबाव झेलने के काबिल नहीं है। बावजूद इसके इन पुलों से ओवरलोड बालू लदे ट्रकों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। भगवान न करें कि कोई अप्रिय घटना हो लेकिन यदि किसी दिन एक भी पुल टूटा तो एनटीपीसी रिहंद में उत्पादिन होने वाली 3000 मेगावाट बिजली पर इसका असर पड़ेगा और कई प्रदेश अंधेरे में डूब जाएंगे। बता दें कि एनटीपीसी रिहंद पावर प्रोजेक्ट का कोयला अमलोरी और जयंत कोल माइंस से इसी सड़क और पुल से होते हुए परियोजना में पहुंचता है। कोयला की चोरी रोकने के लिए सीआईएसएफ के जवान 24 घंटे इसी सड़क मागज् से सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोलिंग भी करते रहते हैं लेकिन रोजाना 300 से 400 ट्रकों के ओवर लोड संचालन से पुल में दरार पड़ गई है । ओवरलोड वाहनों के चलने से पुल में कंपन भी होने लगा है । ट्रक चालक वाहन को बेतरतीब खड़ा कर जाम भी लगा देते हैं । जिससे सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवानों को कोयला लदे ट्रेन के बैगन की सुरक्षा में खासी असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं एनटीपीसी विंध्यनगर को तीनों प्रोजेक्ट रिहंदए शक्तिनगर व विंध्यनगर का मुख्यालय बना दिए जाने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन निजी वाहन से आना जाना भी पड़ता है ।
समय से नहीं मिलती कोयले की खेप
पुल के जर्जर होने से कोयला लोड वाहन व मालगाड़ी पुलों पर धीमी गति से चलते हैं । जिससे परियोजना को निर्धारित समय में कोयला की खेप न मिलकर देर से पहुंच रही है । यही कारण है कि परियोजना प्रबंधन पुल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गया है ।
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डीएम को हकीकत से कराया रूबरू
एनटीपीसी रिहंद के अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन केएस मूर्ति व अपर महाप्रबंधक सीएसआर एसपी गुप्ता ने बीते दिनों जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह से मुलाकात कर बैढन-बीजपुर मार्ग पर बने पुल के जर्जर होने की समस्या के पीछे ओवरलोड बालू ट्रकों को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने ओवरलोड बालू लदे ट्रकों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।
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ओवरलोड बालू से लदे ट्रकों का संचालन एनटीपीसी द्वारा बनवाएं गए चार बड़े पुल बरन, खुनी, रेणबांध और मयार पुल से होता है। एनटीपीसी के ये सभी पुल इस कदर जर्जर हो गए है कि ओवरलोड ट्रकों का दबाव झेलने के काबिल नहीं है। बावजूद इसके इन पुलों से ओवरलोड बालू लदे ट्रकों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। भगवान न करें कि कोई अप्रिय घटना हो लेकिन यदि किसी दिन एक भी पुल टूटा तो एनटीपीसी रिहंद में उत्पादिन होने वाली 3000 मेगावाट बिजली पर इसका असर पड़ेगा और कई प्रदेश अंधेरे में डूब जाएंगे। बता दें कि एनटीपीसी रिहंद पावर प्रोजेक्ट का कोयला अमलोरी और जयंत कोल माइंस से इसी सड़क और पुल से होते हुए परियोजना में पहुंचता है। कोयला की चोरी रोकने के लिए सीआईएसएफ के जवान 24 घंटे इसी सड़क मागज् से सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोलिंग भी करते रहते हैं लेकिन रोजाना 300 से 400 ट्रकों के ओवर लोड संचालन से पुल में दरार पड़ गई है । ओवरलोड वाहनों के चलने से पुल में कंपन भी होने लगा है । ट्रक चालक वाहन को बेतरतीब खड़ा कर जाम भी लगा देते हैं । जिससे सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवानों को कोयला लदे ट्रेन के बैगन की सुरक्षा में खासी असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं एनटीपीसी विंध्यनगर को तीनों प्रोजेक्ट रिहंदए शक्तिनगर व विंध्यनगर का मुख्यालय बना दिए जाने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन निजी वाहन से आना जाना भी पड़ता है ।
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समय से नहीं मिलती कोयले की खेप
पुल के जर्जर होने से कोयला लोड वाहन व मालगाड़ी पुलों पर धीमी गति से चलते हैं । जिससे परियोजना को निर्धारित समय में कोयला की खेप न मिलकर देर से पहुंच रही है । यही कारण है कि परियोजना प्रबंधन पुल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गया है ।
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डीएम को हकीकत से कराया रूबरू
एनटीपीसी रिहंद के अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन केएस मूर्ति व अपर महाप्रबंधक सीएसआर एसपी गुप्ता ने बीते दिनों जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह से मुलाकात कर बैढन-बीजपुर मार्ग पर बने पुल के जर्जर होने की समस्या के पीछे ओवरलोड बालू ट्रकों को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने ओवरलोड बालू लदे ट्रकों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।