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Sonebhadra News: फाइलेरिया नियंत्रण के लिए चार ब्लॉकों में घर-घर जाएंगी 890 टीमें
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फाइलेरिया नियंत्रण के लिए जिले के चार ब्लॉकों में 10 फरवरी से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। 15 दिन के इस अभियान में 890 टीमें घर-घर जाकर 2 वर्ष से ऊपर की पूरी आबादी को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोलियां आयु वर्ग के अनुसार खिलाएंगी।
अभियान के लिए केकराही, घोरावल, चतरा और दुद्धी ब्लॉक का चयन किया गया है। बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने मीडिया व अन्य वर्गों के साथ अभियान के तैयारियों पर चर्चा की। बताया कि अभियान के लिए 890 टीमें बनाई गई हैं।
हर टीम में दो सदस्य होंगे। यह टीम सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्रतिदिन 20-25 घरों में दवा खिलाएगी। अभियान की निगरानी के लिए 166 सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं, जो 5-6 टीमों का निरीक्षण करेंगे।
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दो से पांच वर्ष के बच्चों को 1 गोली डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल की दी जाएगी। छह से 14 वर्ष आयु वालों को भी 1 गोली डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल दी जाएगी। 15 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को 3 गोलियां डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाएं, 2 वर्ष से छोटे बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि खाली पेट किसी को भी दवा नहीं खिलाई जानी है। एडवर्स रिएक्शन से निपटने के लिए 17 आरआरटी टीमों का गठन किया गया है। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत चौधरी आदि मौजूद रहे।
ऐसे किया गया है ब्लॉकों का चयन
ब्लॉकों का चयन नाइट ब्लड सर्वे के आधार पर किया गया है, जिसमें 300-300 सैंपल लेकर फाइलेरिया की जांच की गई। चारों ब्लॉकों में माइकोफाइलेरी रेट के ऊपर पॉजिटिव मामले पाए गए हैं। इस अभियान में इन ब्लॉकों की 10.47 लाख जनसंख्या को कवर किया जाएगा।
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अभियान के लिए केकराही, घोरावल, चतरा और दुद्धी ब्लॉक का चयन किया गया है। बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने मीडिया व अन्य वर्गों के साथ अभियान के तैयारियों पर चर्चा की। बताया कि अभियान के लिए 890 टीमें बनाई गई हैं।
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हर टीम में दो सदस्य होंगे। यह टीम सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्रतिदिन 20-25 घरों में दवा खिलाएगी। अभियान की निगरानी के लिए 166 सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं, जो 5-6 टीमों का निरीक्षण करेंगे।
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दो से पांच वर्ष के बच्चों को 1 गोली डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल की दी जाएगी। छह से 14 वर्ष आयु वालों को भी 1 गोली डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल दी जाएगी। 15 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को 3 गोलियां डीईसी और 1 गोली अल्बेंडाजोल दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाएं, 2 वर्ष से छोटे बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि खाली पेट किसी को भी दवा नहीं खिलाई जानी है। एडवर्स रिएक्शन से निपटने के लिए 17 आरआरटी टीमों का गठन किया गया है। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत चौधरी आदि मौजूद रहे।
ऐसे किया गया है ब्लॉकों का चयन
ब्लॉकों का चयन नाइट ब्लड सर्वे के आधार पर किया गया है, जिसमें 300-300 सैंपल लेकर फाइलेरिया की जांच की गई। चारों ब्लॉकों में माइकोफाइलेरी रेट के ऊपर पॉजिटिव मामले पाए गए हैं। इस अभियान में इन ब्लॉकों की 10.47 लाख जनसंख्या को कवर किया जाएगा।