85 गांवों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर
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गौरतलब हो कि जिले का अधिकांश क्षेत्रफल पहाड़ों और जंगलों से आच्छादित है। यहां की सर्वाधिक आबादी पहाड़ी इलाकों में निवास करती है। चोपन, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में लगे इंडिया मार्का के करीब साढ़े नौ हजार हैंडपंपों में से अधिकांश हैंडपंप फ्लोराइड युक्त पानी दे रहे हैं।
क्त पानी का सेवन करने से लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारी हो रही है। नजदीकी सीएचसी और पीएचसी पर सभी रोगों के डाक्टर न होने से रोगियों को उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल या निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है। इसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने अप्रैल माह में प्रथम चरण में फ्लोराइड से प्रभावित 85 गांवों में विशेष शिविर लगा कर रोगियों की मुफ्त में जांच कर उनका उपचार कराने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. यूके वर्मा ने बताया कि शिविर में रोगियों का इलाज करने के साथ ही गंभीर रूप से फ्लोराइड से प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर शासन को प्रेषित की जाएगी। ताकि उन्हें सहायता राशि मिल सकें। बतादें कि पूर्व में स्वास्थ्य महकमा फ्लोराइड प्रभावित करीब तीन सौ लोगों को उपचार के लिए विशेष सहायता राशि वितरित कर चुका है।