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कला, विज्ञान प्रदर्शनी में दिखी भारतीय संस्कृति झलक
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:08 PM IST
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सोनभद्र। स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल घोरावल के नवनिर्मित भवन का शुक्रवार को गड़वाघाट के पीठाधीश्वर एवं स्वामी हरसेवानंद शिक्षण सोसायटी के संस्थापक स्वामी सतगुरु सरनानंद जी महाराज परमहंस ने शिलापट्ट का अनावरणकर लोकार्पण किया। इस दौरान बच्चों की ओर से विज्ञान एवं कला की प्रदर्शनी लगाई गई। पुस्तकालय में स्वामी हरसेवानंदजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण किया। प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी विषयाधारित परिकल्पनाओं को मूर्तरूप प्रदान किया।
कला विभाग की लगायी गयी प्रदर्शनी में मुगल काल से लेकर आधुनिक काल तक की कलाकृतियां, हस्त निर्मित काष्ठ कलायें व यामिनी रॉय की चित्र अपनी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही थीं। जहां विज्ञान संवर्ग में हाइड्रो पावर प्लांट, ऑटोमैटिक यातायात नियंत्रक, विस्फोट करने में सक्षम कैनन, रसायनों की सहायता से स्वचलित ज्वालामुखी, थीप डिडेक्टर, भारतीय इंडियन रेलवे, स्मार्ट सिटी, फ्लाइंग ड्रोन,होम मेड प्रोजेक्टर तथा डिजिटल इंडिया चर्चा के विषय रहे। भारत की सांस्कृतिक विरासत को स्वर्ण मंदिर, कुतुबमीनार, ताजमहल, लाल किला का मॉडल आकर्षक रहा। यहां बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंधक बाबा प्रकाश ध्यानानंद ने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि सतगुरु सरनानंद जी महाराज ने कहा कि छात्रों के अंदर संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए। छात्रों की चेतना केवल ज्ञान के क्षेत्र में ही नही होनी चाहिए, योग और ध्यान से भी छात्रों को ज्ञान की प्राप्ति होती है, तभी छात्र अधिक से अधिक प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेंगे। उन्होंने विद्यालय की वार्षिक पत्रिका सेवार्चन-2018 का विमोचन किया। प्रधानाचार्य नीरज श्रीवास्तव ने आभार जताया। यहां धर्मदर्शनानंद, बेंसानंद, हरिध्यानानंद, प्रधानाचार्य डॉ. एके चौबे ,सीएस सिंह, रचना अग्रवाल, एके वर्मा, एसके चौबे, अमिता सिंह, एमएस यादव, यमुना सिंह यादव, आकाश सोनी, मोती लाल गुप्ता, रविंद्र यादव मौजूद रहे। संचालन संस्कृति शुक्ला एवं उन्नति गुप्ता ने किया।
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कला विभाग की लगायी गयी प्रदर्शनी में मुगल काल से लेकर आधुनिक काल तक की कलाकृतियां, हस्त निर्मित काष्ठ कलायें व यामिनी रॉय की चित्र अपनी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही थीं। जहां विज्ञान संवर्ग में हाइड्रो पावर प्लांट, ऑटोमैटिक यातायात नियंत्रक, विस्फोट करने में सक्षम कैनन, रसायनों की सहायता से स्वचलित ज्वालामुखी, थीप डिडेक्टर, भारतीय इंडियन रेलवे, स्मार्ट सिटी, फ्लाइंग ड्रोन,होम मेड प्रोजेक्टर तथा डिजिटल इंडिया चर्चा के विषय रहे। भारत की सांस्कृतिक विरासत को स्वर्ण मंदिर, कुतुबमीनार, ताजमहल, लाल किला का मॉडल आकर्षक रहा। यहां बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंधक बाबा प्रकाश ध्यानानंद ने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि सतगुरु सरनानंद जी महाराज ने कहा कि छात्रों के अंदर संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए। छात्रों की चेतना केवल ज्ञान के क्षेत्र में ही नही होनी चाहिए, योग और ध्यान से भी छात्रों को ज्ञान की प्राप्ति होती है, तभी छात्र अधिक से अधिक प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेंगे। उन्होंने विद्यालय की वार्षिक पत्रिका सेवार्चन-2018 का विमोचन किया। प्रधानाचार्य नीरज श्रीवास्तव ने आभार जताया। यहां धर्मदर्शनानंद, बेंसानंद, हरिध्यानानंद, प्रधानाचार्य डॉ. एके चौबे ,सीएस सिंह, रचना अग्रवाल, एके वर्मा, एसके चौबे, अमिता सिंह, एमएस यादव, यमुना सिंह यादव, आकाश सोनी, मोती लाल गुप्ता, रविंद्र यादव मौजूद रहे। संचालन संस्कृति शुक्ला एवं उन्नति गुप्ता ने किया।
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