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Sonebhadra News: गड्ढामुक्ति का कार्य 80 फीसदी पूरा, पर हाईवे के गड्ढे जस के तस
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सोनभद्र। दीपावली से पहले ग्रामीण सड़कों के गड्ढे भले ही भर जाएं, मगर हाईवे पर राहगीरों को हिचकोले ही खाने होंगे। जिले से गुजरे विभिन्न राजमार्गों पर गड्ढामुक्ति का हाल ठीक नहीं है। रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं तो स्टेट हाईवे से जुड़ी सर्विस लेन की सड़क अब तक नहीं बनी है, जबकि इसी सड़क को बरसात में पांच बार दुरुस्त किया गया था। अब मौसम साफ होने पर जिम्मेदार इससे मुंह मोड़ चुके हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि 80 फीसदी काम पूरा हो गया है। बाकी काम तय समय में 31 अक्तूबर तक करा लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इस मद में धनराशि अवमुक्त करते हुए प्राथमिकता से काम कराने को कहा गया था। तत्परता दिखाते हुए पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ग्रामीण मार्ग, अन्य जिला मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग जैसी सड़कों के गड्ढे भरने का कार्य शुरू किया। इसका असर भी दिख रहा है, लेकिन जब ग्रामीण सड़काें से निकलकर राहगीर हाईवे पर पहुंचते हैं तो गड्ढामुक्ति अभियान दम तोड़ता नजर आता है। रांची-रीवा मार्ग पर स्थित मुर्धवा से अनपरा के औड़ी मोड़ी की सड़क पर कई जगह गड्ढे हैं। राहगीरों की समय से नजर नहीं पड़ी तो इन गड्ढों में गिरकर जख्मी होना तय है। कुछ ऐसी ही दशा घोरावल-रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर भी है। इस मार्ग पर शाहगंज में मुड़िलाडीह के पास गड्ढे में गिट्टी डाली गई है, लेकिन पेंटिंग नहीं हो पाई है। रॉबर्ट्सगंज में रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर बड़ा गड्ढा है। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर स्थित रॉबर्ट्सगंज में फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन को करीब छह माह पहले पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा गया था, मगर यह सड़क आज तक ठीक नहीं हुई। जुलाई-अगस्त में बरसात के दौरान सड़क की पांच बार पेंटिंग हुई। हर बार बरसात होते ही सड़क उखड़ गई। अब बारिश बंद होने के बाद इसकी हालत सुधारने पर जिम्मेदार गंभीर नहीं है।
तेलगुड़वा-कोन और विंढमगंज मार्ग पर चलना दुश्वार
जिले की सबसे खराब सड़कों का जिक्र आएगा तो सबसे पहला नाम तेलगुड़वा-कोन-विंढमगंज मार्ग ही होगा। स्टेट हाईवे से निकलकर झारखंड बॉर्डर को जाने वाली इस सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। गड्ढे भी इतने बड़े हैं कि वाहन जवाब दे रहे हैं। तेलगुड़वा से कोटा के बीच दस किमी में ही सौ से अधिक गड्ढे हैं। कोन के आगे विंढमगंज मार्ग पर भी गड्ढे हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी है और वर्ष 2026 तक अनुरक्षण में है। पिछले दिनों डीएम इस सड़क के निरीक्षण के दौरान हालत देख हैरान रह गए थे। कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने का भी निर्देश दिया था। इन कवायदों के बाद भी गड्ढों को भरने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
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गड्ढे भरने के लिए मिले सिर्फ तीन करोड़
विशेष अभियान के तहत सड़कों की गड्ढामुक्ति के लिए 969.3 किमी सड़क चिह्नित की गई थी। इसमें सबसे ज्यादा 799 किमी सड़क ग्रामीण क्षेत्रों की है। इसके बाद 116.3 किमी अन्य जिला मार्ग, 42 किमी प्रमुख जिला मार्ग और 12 किमी राजमार्ग शामिल है। इन सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सिर्फ तीन करोड़ रुपये मिले हैं। जरूरत के अनुसार यह राशि नाकाफी है। यह कारण भी है कि गड्ढों को अब तक पूरी तरह भरा नहीं जा सका है।
एनएच की सड़कों पर कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई के माध्यम से होना है। अन्य सड़कों की गड्ढामुक्ति का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। चिह्नित सड़कों पर 80 फीसदी से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। तय समय में सड़कों की गड्ढामुक्ति का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। कुछ सड़कें मरम्मत या निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं, उन पर धनराशि मिलने पर कार्य होगा। -शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड।
एनएच-39 के रीवा-रांची मार्ग सिंगरौली से विंढमगंज तक की सड़क के गड्ढों की पैचिंग की जा रही है। इसके लिए कई ठेकेदार लगाए गए हैं। दीपावली के पहले सभी गड्ढों को भरकर पैचिंग कर दी जाएगी। -देवेंद्र पाल सिंह, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग-39
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इस मद में धनराशि अवमुक्त करते हुए प्राथमिकता से काम कराने को कहा गया था। तत्परता दिखाते हुए पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ग्रामीण मार्ग, अन्य जिला मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग जैसी सड़कों के गड्ढे भरने का कार्य शुरू किया। इसका असर भी दिख रहा है, लेकिन जब ग्रामीण सड़काें से निकलकर राहगीर हाईवे पर पहुंचते हैं तो गड्ढामुक्ति अभियान दम तोड़ता नजर आता है। रांची-रीवा मार्ग पर स्थित मुर्धवा से अनपरा के औड़ी मोड़ी की सड़क पर कई जगह गड्ढे हैं। राहगीरों की समय से नजर नहीं पड़ी तो इन गड्ढों में गिरकर जख्मी होना तय है। कुछ ऐसी ही दशा घोरावल-रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर भी है। इस मार्ग पर शाहगंज में मुड़िलाडीह के पास गड्ढे में गिट्टी डाली गई है, लेकिन पेंटिंग नहीं हो पाई है। रॉबर्ट्सगंज में रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर बड़ा गड्ढा है। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर स्थित रॉबर्ट्सगंज में फ्लाईओवर के नीचे सर्विस लेन को करीब छह माह पहले पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदा गया था, मगर यह सड़क आज तक ठीक नहीं हुई। जुलाई-अगस्त में बरसात के दौरान सड़क की पांच बार पेंटिंग हुई। हर बार बरसात होते ही सड़क उखड़ गई। अब बारिश बंद होने के बाद इसकी हालत सुधारने पर जिम्मेदार गंभीर नहीं है।
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तेलगुड़वा-कोन और विंढमगंज मार्ग पर चलना दुश्वार
जिले की सबसे खराब सड़कों का जिक्र आएगा तो सबसे पहला नाम तेलगुड़वा-कोन-विंढमगंज मार्ग ही होगा। स्टेट हाईवे से निकलकर झारखंड बॉर्डर को जाने वाली इस सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। गड्ढे भी इतने बड़े हैं कि वाहन जवाब दे रहे हैं। तेलगुड़वा से कोटा के बीच दस किमी में ही सौ से अधिक गड्ढे हैं। कोन के आगे विंढमगंज मार्ग पर भी गड्ढे हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी है और वर्ष 2026 तक अनुरक्षण में है। पिछले दिनों डीएम इस सड़क के निरीक्षण के दौरान हालत देख हैरान रह गए थे। कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने का भी निर्देश दिया था। इन कवायदों के बाद भी गड्ढों को भरने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
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गड्ढे भरने के लिए मिले सिर्फ तीन करोड़
विशेष अभियान के तहत सड़कों की गड्ढामुक्ति के लिए 969.3 किमी सड़क चिह्नित की गई थी। इसमें सबसे ज्यादा 799 किमी सड़क ग्रामीण क्षेत्रों की है। इसके बाद 116.3 किमी अन्य जिला मार्ग, 42 किमी प्रमुख जिला मार्ग और 12 किमी राजमार्ग शामिल है। इन सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सिर्फ तीन करोड़ रुपये मिले हैं। जरूरत के अनुसार यह राशि नाकाफी है। यह कारण भी है कि गड्ढों को अब तक पूरी तरह भरा नहीं जा सका है।
एनएच की सड़कों पर कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई के माध्यम से होना है। अन्य सड़कों की गड्ढामुक्ति का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। चिह्नित सड़कों पर 80 फीसदी से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। तय समय में सड़कों की गड्ढामुक्ति का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। कुछ सड़कें मरम्मत या निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं, उन पर धनराशि मिलने पर कार्य होगा। -शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड।
एनएच-39 के रीवा-रांची मार्ग सिंगरौली से विंढमगंज तक की सड़क के गड्ढों की पैचिंग की जा रही है। इसके लिए कई ठेकेदार लगाए गए हैं। दीपावली के पहले सभी गड्ढों को भरकर पैचिंग कर दी जाएगी। -देवेंद्र पाल सिंह, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग-39