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Sonebhadra News: नौकरी के नाम पर आठ लोगों से 50 लाख की ठगी
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सोनभद्र। रायपुर थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर देवरिया के 8 लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी की। नौकरी न मिलने पर रुपये न लौटाने पर सात पीड़ित रविवार को रायपुर गांव में आरोपी के घर के सामने धरने पर बैठ गए। जबकि आरोपी भाग गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र निवासी पंकज मिश्रा, बिट्टू प्रसाद, दिग्विजय मिश्रा, जितेंदर यादव, कुलदीप यादव, आकांक्षा यादव, सुनील सिंह रविवार को रायपुर गांव पहुंचे। सभी गांव के एक व्यक्ति के घर के सामने धरने पर बैठ गए। बताया कि वे पटना में रहकर तैयारी करते थे। डेढ़ साल पहले रायपुर गांव का एक व्यक्ति मिला था। उसने अपना नाम मिथिलेश सिंह बताया था। दावा किया था कि वह रेलवे के डीआरएम आफिस में जीएम का असिस्टेंट है और नौकरी लगवा देगा। इसके बाद सात लोगों से रेलवे में ग्रुप सी और डी और एक व्यक्ति से भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का वादा किया। इनसे 50 लाख रुपये जमा कराए। लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली। रुपये मांगने पर गुमराह करता रहा। पीड़ितों ने रायपुर पुलिस को तहरीर दी। तब पुलिस रविवार को आरोपी के घर पहुंची। लेकिन वह पिछले दरवाजे से भाग गया। पीड़ित शाम तक आरोपी के घर के बाहर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि प्रशासन जब तक आरोपी को गिरफ्तार कर रुपये वापस नहीं कराएगा, वे नहीं लौटेंगे। कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
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पीड़ितों ने दस दिन पहले आरोपी को पकड़ा था
सोनभद्र। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने आरोपी को दस दिन पूर्व भभुआ थाना क्षेत्र से पकड़कर भभुआ पुलिस को सौंपकर तहरीर दी थी। पंचायत के बाद आरोपी ने दो स्टांप पेपर पर सुलहनामा लिखा। पांच लाख रुपये तत्काल लौटा दिए। 19 मई तक 15 लाख देने और बाकी 30 लाख जुलाई-अगस्त तक देने की बात कही थी।
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किसी ने गहने बेचे तो किसी ने गिरवी रखे थे खेत
ठगी के शिकार आठ अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ ने गहने गिरवी रखकर तो कुछ ने पत्नी के गहने बेचकर रुपये दिए थे। एक पीड़ित की पत्नी ने बताया कि उसने गहने गिरवी रखकर और खेत बेचकर रुपये दिए थे।
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दिया था फर्जी नियुक्ति पत्र
पीड़ित पंकज मिश्रा और अन्य ने बताया कि आरोपी उन्हें चयन प्रक्रिया से जुड़े कागजात भेजता था। कुछ माह पूर्व उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था।
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वर्जन:
मामला संज्ञान में आया है। थाना प्रभारी को मौके पर भेजकर शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई है। मामले की जांच के साथ ही आरोपी की तलाश की जा रही है। रणधीर मिश्रा, सीओ सदर।
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देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र निवासी पंकज मिश्रा, बिट्टू प्रसाद, दिग्विजय मिश्रा, जितेंदर यादव, कुलदीप यादव, आकांक्षा यादव, सुनील सिंह रविवार को रायपुर गांव पहुंचे। सभी गांव के एक व्यक्ति के घर के सामने धरने पर बैठ गए। बताया कि वे पटना में रहकर तैयारी करते थे। डेढ़ साल पहले रायपुर गांव का एक व्यक्ति मिला था। उसने अपना नाम मिथिलेश सिंह बताया था। दावा किया था कि वह रेलवे के डीआरएम आफिस में जीएम का असिस्टेंट है और नौकरी लगवा देगा। इसके बाद सात लोगों से रेलवे में ग्रुप सी और डी और एक व्यक्ति से भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का वादा किया। इनसे 50 लाख रुपये जमा कराए। लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली। रुपये मांगने पर गुमराह करता रहा। पीड़ितों ने रायपुर पुलिस को तहरीर दी। तब पुलिस रविवार को आरोपी के घर पहुंची। लेकिन वह पिछले दरवाजे से भाग गया। पीड़ित शाम तक आरोपी के घर के बाहर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि प्रशासन जब तक आरोपी को गिरफ्तार कर रुपये वापस नहीं कराएगा, वे नहीं लौटेंगे। कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
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पीड़ितों ने दस दिन पहले आरोपी को पकड़ा था
सोनभद्र। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने आरोपी को दस दिन पूर्व भभुआ थाना क्षेत्र से पकड़कर भभुआ पुलिस को सौंपकर तहरीर दी थी। पंचायत के बाद आरोपी ने दो स्टांप पेपर पर सुलहनामा लिखा। पांच लाख रुपये तत्काल लौटा दिए। 19 मई तक 15 लाख देने और बाकी 30 लाख जुलाई-अगस्त तक देने की बात कही थी।
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किसी ने गहने बेचे तो किसी ने गिरवी रखे थे खेत
ठगी के शिकार आठ अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ ने गहने गिरवी रखकर तो कुछ ने पत्नी के गहने बेचकर रुपये दिए थे। एक पीड़ित की पत्नी ने बताया कि उसने गहने गिरवी रखकर और खेत बेचकर रुपये दिए थे।
दिया था फर्जी नियुक्ति पत्र
पीड़ित पंकज मिश्रा और अन्य ने बताया कि आरोपी उन्हें चयन प्रक्रिया से जुड़े कागजात भेजता था। कुछ माह पूर्व उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था।
वर्जन:
मामला संज्ञान में आया है। थाना प्रभारी को मौके पर भेजकर शिकायतकर्ताओं से बातचीत की गई है। मामले की जांच के साथ ही आरोपी की तलाश की जा रही है। रणधीर मिश्रा, सीओ सदर।