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Sonebhadra News: टीबी मुक्त होने की राह पर 76 गांव, सबसे ज्यादा 54 रॉबर्ट्सगंज के
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जिले के 76 गांव टीबी मुक्त होने की राह पर हैं। इन गांवों में पिछले एक साल से टीबी के नए मरीज नहीं मिले हैं। पहले से चिह्नित मरीजों के स्वस्थ होने की दर भी अच्छी है। स्वास्थ्य विभाग अब इन गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की कवायद में जुट गया है।
इसमें सबसे ज्यादा 54 गांव रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के हैं। सब कुछ ठीक रहा तो इस उपलब्धि के लिए इन गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। लगातार अभियान चलाकर नए मरीज ढूंढे जा रहे हैं तो चिह्नित मरीजों को निशुल्क दवा, खानपान के लिए एक हजार रुपये की मदद भी दी जा रही है।
मरीजों को ढूंढने में मदद करने वालों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं व अन्य सक्षम लोगों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका असर जिले में दिख रहा है।
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पिछले साल 13 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। अब इस बार 76 गांव इस राह पर है। इन गांवों में पहले से चिह्नित टीबी मरीजों और उनके संपर्क में आने वालों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
साथ ही पहले से चिह्नित मरीज भी ठीक हो गए हैं। ऐसे में विभाग उन्हें टीबी मुक्त गांव की उपलब्धि से नवाजने की तैयारी में है, ताकि अन्य गांव भी इसके लिए प्रेरित हो सकें।
इन ब्लॉकों में इतने गांव
टीबी मरीजों की निगरानी के लिए जिले में 11 इकाइयां क्रियाशील हैं। इसमें करमा और कोन को छोड़कर अन्य सभी इकाइयों के गांव शामिल किए गए हैं। सबसे ज्यादा 54 गांव रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के हैं। इस ब्लॉक में करीब 105 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें तीन गांवों को पिछले साल भी टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इस बार 54 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा चतरा में 5, नगवां में 4, दुद्धी में 3, अनपरा, बभनी, म्योरपुर और चोपन इकाइयों के 2-2 गांव शामिल है। इन गांवों को टीबी मुक्त घाेषित करने से पहले वहां दो सदस्यीय टीम से सत्यापन कराया जाएगा।
इस वर्ष 76 गांवों को टीबी मुक्त घाेषित करने की तैयारी है। इन गांवों का विवरण तैयार कर जिला प्रशासन को प्रेषित किया गया है। स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग की संयुक्त टीम इन गांवों का सत्यापन करेगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा।
-डॉ. आरजी यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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इसमें सबसे ज्यादा 54 गांव रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के हैं। सब कुछ ठीक रहा तो इस उपलब्धि के लिए इन गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। लगातार अभियान चलाकर नए मरीज ढूंढे जा रहे हैं तो चिह्नित मरीजों को निशुल्क दवा, खानपान के लिए एक हजार रुपये की मदद भी दी जा रही है।
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मरीजों को ढूंढने में मदद करने वालों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं व अन्य सक्षम लोगों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका असर जिले में दिख रहा है।
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पिछले साल 13 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। अब इस बार 76 गांव इस राह पर है। इन गांवों में पहले से चिह्नित टीबी मरीजों और उनके संपर्क में आने वालों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
साथ ही पहले से चिह्नित मरीज भी ठीक हो गए हैं। ऐसे में विभाग उन्हें टीबी मुक्त गांव की उपलब्धि से नवाजने की तैयारी में है, ताकि अन्य गांव भी इसके लिए प्रेरित हो सकें।
इन ब्लॉकों में इतने गांव
टीबी मरीजों की निगरानी के लिए जिले में 11 इकाइयां क्रियाशील हैं। इसमें करमा और कोन को छोड़कर अन्य सभी इकाइयों के गांव शामिल किए गए हैं। सबसे ज्यादा 54 गांव रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के हैं। इस ब्लॉक में करीब 105 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें तीन गांवों को पिछले साल भी टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इस बार 54 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा चतरा में 5, नगवां में 4, दुद्धी में 3, अनपरा, बभनी, म्योरपुर और चोपन इकाइयों के 2-2 गांव शामिल है। इन गांवों को टीबी मुक्त घाेषित करने से पहले वहां दो सदस्यीय टीम से सत्यापन कराया जाएगा।
इस वर्ष 76 गांवों को टीबी मुक्त घाेषित करने की तैयारी है। इन गांवों का विवरण तैयार कर जिला प्रशासन को प्रेषित किया गया है। स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग की संयुक्त टीम इन गांवों का सत्यापन करेगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा।
-डॉ. आरजी यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी।