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चार साल में 17.5 करोड़ खर्च, नहीं बदली तस्वीर
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:28 PM IST
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सोनभद्र। यूपी के अंतिम लोकसभा क्षेत्र राबर्ट्सगंज में चार साल में 17. 5 करोड़ खर्च करने के बाद भी जिले की तस्वीर नहीं बदल सकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को अति पिछड़े गांवों को गोद लेकर वहां विकास कराने पर जोर दिया था। इसी कड़ी में सांसद छोटेलाल खरवार ने दो चरणों में दुद्धी ब्लॉक के नगवां और नगवां ब्लॉक के दरेंव ग्राम पंचायत को गोद ले लिया। लेकिन दोनों अति पिछड़े गांवों की तस्वीर बदल नहीं सकी है। जबकि सांसद दोनों गांवों के साथ ही अन्य गांवों के विकास के लिए अपनी निधि से करीब 17.5 करोड़ रुपये खर्च कर चुुके हैं।
सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए सांसद निधि में प्रतिवर्ष पांच करोड़ रुपये मिलता है। इस तरह पिछले चार सालों में उन्हें 20 करोड़ मिलने थे, लेकिन निधि में उन्हें महज 17.5 करोड़ रुपये ही मिले। उन्होंने इन रुपये से कार्य कराने के लिए कुल 366 कार्यों पर धन दिया लेकिन उनके गोद लिए गांवों को पर्याप्त धन नहीं मिल सके, जिससे गांवों की तस्वीर अब भी जस की तस है। दुद्धी ब्लॉक के सांसद आदर्श गांव नगवां में शौचालयों, विद्युतीकरण का कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका। हैंडपंपों भी धन दिया लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है। इससे ग्रामीणों को पानी की दिक्कत है। दूसरे चरण के गांव दरेंव में स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह गठन, पशुओं का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कृत्रिम अंग का वितरण, औद्यानिक मिशन का कार्य तो विकास महकमे की पत्रावलियों में पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन इन गांवों में बुनियादी जरूरत पानी को लेकर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ। यहां पाइप पेयजल योजना प्रस्तावित हैै लेकिन काम कब शुरू होगा, कहा नहीं जा सकता। वर्ष 2017-18 में सांसद निधि से 12 कार्यों के लिए करीब 187 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिसमें से करीब 80 लाख अवमुक्त हो चुका है और करीब 107 लाख रुपये अवशेष है। इस तरह पिछले वर्ष का कई कार्य अब भी अधूरा पड़ा है। इसमें सोलर लाइट, विद्यालयों में भवन, सामुदायिक भवन आदि के कार्य होने हैं। इतना ही नहीं, सांसद के गोद लिए दोनों गांव भी ओडीएफ नहीं हो सके हैं जबकि स्वच्छता अभियान के तहत ओडीएफ प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
कोट
सांसद आदर्श गांवों में भी कार्य लंबित पड़े हैं। उन्हें जल्द पूर्ण कराया जाएगा। समय-समय पर उसकी समीक्षा की जा रही है। जो कार्य नहीं शुरू हो सके हैं, उनकी निविदा कराकर कार्य शुरू कराए जाएंगे।
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- सुनील कुमार वर्मा, सीडीओ, सोनभद्र
सांसदों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए सांसद निधि में प्रतिवर्ष पांच करोड़ रुपये मिलता है। इस तरह पिछले चार सालों में उन्हें 20 करोड़ मिलने थे, लेकिन निधि में उन्हें महज 17.5 करोड़ रुपये ही मिले। उन्होंने इन रुपये से कार्य कराने के लिए कुल 366 कार्यों पर धन दिया लेकिन उनके गोद लिए गांवों को पर्याप्त धन नहीं मिल सके, जिससे गांवों की तस्वीर अब भी जस की तस है। दुद्धी ब्लॉक के सांसद आदर्श गांव नगवां में शौचालयों, विद्युतीकरण का कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका। हैंडपंपों भी धन दिया लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है। इससे ग्रामीणों को पानी की दिक्कत है। दूसरे चरण के गांव दरेंव में स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह गठन, पशुओं का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, कृत्रिम अंग का वितरण, औद्यानिक मिशन का कार्य तो विकास महकमे की पत्रावलियों में पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन इन गांवों में बुनियादी जरूरत पानी को लेकर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ। यहां पाइप पेयजल योजना प्रस्तावित हैै लेकिन काम कब शुरू होगा, कहा नहीं जा सकता। वर्ष 2017-18 में सांसद निधि से 12 कार्यों के लिए करीब 187 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिसमें से करीब 80 लाख अवमुक्त हो चुका है और करीब 107 लाख रुपये अवशेष है। इस तरह पिछले वर्ष का कई कार्य अब भी अधूरा पड़ा है। इसमें सोलर लाइट, विद्यालयों में भवन, सामुदायिक भवन आदि के कार्य होने हैं। इतना ही नहीं, सांसद के गोद लिए दोनों गांव भी ओडीएफ नहीं हो सके हैं जबकि स्वच्छता अभियान के तहत ओडीएफ प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
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सांसद आदर्श गांवों में भी कार्य लंबित पड़े हैं। उन्हें जल्द पूर्ण कराया जाएगा। समय-समय पर उसकी समीक्षा की जा रही है। जो कार्य नहीं शुरू हो सके हैं, उनकी निविदा कराकर कार्य शुरू कराए जाएंगे।
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- सुनील कुमार वर्मा, सीडीओ, सोनभद्र