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Sonebhadra News: उपचुनाव में 61.55 प्रतिशत हुआ मतदान, भभाइच में 4, जामपानी में 8 प्रतिशत कम वोटिंग
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जिले की दो ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए बुधवार को हुए उपचुनाव में 61.55 प्रतिशत मतदान हुआ। उपचुनाव के प्रति मतदाताओं के रुझान में कमी देखी। भभाइच में 4 और जामपानी में 8 प्रतिशत कम वोटिंग हुई है।
इसके पीछे परदेशी वोटरों का मतदान से दूर रहने को कारण माना जा रहा है। देर शाम मतपेटियों को सील कर कड़ी सुरक्षा में ब्लॉक कार्यालय में बने स्ट्रांग रूम में जमा करा दिया गया। अब 21 फरवरी को मतगणना में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के भभाइच ग्राम पंचायत के प्रधान पद पर तीन उम्मीदवार हैं। यहां सुबह सात बजे से तीन बूथों पर मतदान आरंभ हुआ। मतदान की गति शुरुआत में धीमी रही। सुबह नौ बजे तक सिर्फ 9.27 प्रतिशत वोट पड़े थे। इसके बाद मतदान में तेजी आई।
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यहां कुल 2146 मतदाताओं में से 1106 ने वोट दिए। कुल 51.54 प्रतिशत वोट पड़े। उधर, म्योरपुर ब्लॉक के जामपानी ग्राम पंचायत में भी प्रधान पद के लिए तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा। यहां तीन बूथों कुल 1843 में से 1319 वोट पड़े।
यह 71.57 प्रतिशत रहा। गांव में सुबह से ही मतदान में तेजी देखी गई। शुरुआती दो घंटे में 12.37 प्रतिशत वोट पड़े थे, जो 11 बजे तक 34.51 प्रतिशत तक पहुंच गया। शाम पांच बजे मतदान संपन्न होने पर मतपेटी को सभी उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील कर ब्लॉक कार्यालय में बने स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
उपचुनाव में कम दिखा रुझान
जिले की दोनों ग्राम पंचायतों में प्रधान के रिक्त पद पर उपचुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भभाइच गांव में 55.57 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब मंतोरिया देवी 479 मत प्राप्त कर विजेता बनी थीं। उपचुनाव में सिर्फ 51.54 प्रतिशत ही वोट पड़े हैं।
इसी तरह जामपानी में वर्ष 2021 के चुनाव के दौरान 79.88 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट दिया था। जगिया देवी प्रधान चुनी गई थीं। मतदान प्रतिशत बढ़ने की वजह तब बड़ी संख्या में बाहर से आए मतदाता भी रहे। कोरोना काल के दौरान हुए चुनाव में गैर राज्यों व जिलों में रहने वाले मतदाता घर आए थे और उन्होंने मतदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।
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इसके पीछे परदेशी वोटरों का मतदान से दूर रहने को कारण माना जा रहा है। देर शाम मतपेटियों को सील कर कड़ी सुरक्षा में ब्लॉक कार्यालय में बने स्ट्रांग रूम में जमा करा दिया गया। अब 21 फरवरी को मतगणना में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
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अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के भभाइच ग्राम पंचायत के प्रधान पद पर तीन उम्मीदवार हैं। यहां सुबह सात बजे से तीन बूथों पर मतदान आरंभ हुआ। मतदान की गति शुरुआत में धीमी रही। सुबह नौ बजे तक सिर्फ 9.27 प्रतिशत वोट पड़े थे। इसके बाद मतदान में तेजी आई।
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यहां कुल 2146 मतदाताओं में से 1106 ने वोट दिए। कुल 51.54 प्रतिशत वोट पड़े। उधर, म्योरपुर ब्लॉक के जामपानी ग्राम पंचायत में भी प्रधान पद के लिए तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा। यहां तीन बूथों कुल 1843 में से 1319 वोट पड़े।
यह 71.57 प्रतिशत रहा। गांव में सुबह से ही मतदान में तेजी देखी गई। शुरुआती दो घंटे में 12.37 प्रतिशत वोट पड़े थे, जो 11 बजे तक 34.51 प्रतिशत तक पहुंच गया। शाम पांच बजे मतदान संपन्न होने पर मतपेटी को सभी उम्मीदवारों व उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील कर ब्लॉक कार्यालय में बने स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
उपचुनाव में कम दिखा रुझान
जिले की दोनों ग्राम पंचायतों में प्रधान के रिक्त पद पर उपचुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान भभाइच गांव में 55.57 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब मंतोरिया देवी 479 मत प्राप्त कर विजेता बनी थीं। उपचुनाव में सिर्फ 51.54 प्रतिशत ही वोट पड़े हैं।
इसी तरह जामपानी में वर्ष 2021 के चुनाव के दौरान 79.88 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट दिया था। जगिया देवी प्रधान चुनी गई थीं। मतदान प्रतिशत बढ़ने की वजह तब बड़ी संख्या में बाहर से आए मतदाता भी रहे। कोरोना काल के दौरान हुए चुनाव में गैर राज्यों व जिलों में रहने वाले मतदाता घर आए थे और उन्होंने मतदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।