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सूखा राहत सामग्री के भरे गए नमूने

Thu, 10 May 2018 11:36 PM IST
Updated Thu, 10 May 2018 11:36 PM IST
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सूखा राहत सामग्री के भरे गए नमूने
सोनभद्र। बिना लैबोरेटरी जांच के ही जिले में सूखा राहत पैकेट का वितरण किया जा रहा है। पहले दिन वितरण के बाद बुधवार की शाम सभी खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए। उन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया। बिना लेबोरेटरी रिपोर्ट के ही वितरित की जा रही सामग्री को अभिहित अधिकारी मानक अनुरुप बता रहे हैं। चुर्क में बुधवार को हुए मुख्य समारोह में प्रत्येक लाभार्थी को प्रत्येक लाभार्थी को 25 किग्रा आलू, 15 किग्रा आटा, पांच किग्रा चना दाल, तीन लीटर सरसों तेल, एक किग्रा शुद्ध देशी घी, एक किग्रा आयोडीन युक्त नमक और बच्चों के लिए प्रति परिवार एक किग्रा मिल्क पाउडर वितरित किया गया। उत्सुकतावश कुछ लोगों ने लाभार्थियों के पैकेट खोला तो बाजार में पापुलर ब्रांड से अलग ब्रांड की सामग्री देख सवाल उठाने शुरू कर दिए। वेबसाइट सर्च में भी तीन-चार ब्रांड की तस्वीर नहीं दिखी। लोगों का कहना था कि इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं जिला अभिहित अधिकारी मानिकचंद्र सिंह कहते हैं कि सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए आपूर्तिकर्ता फर्म द्वारा वितरित किए गए सभी फूड प्रोडक्ट का नमूना राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जा चुका है।वेबसाइट पर केवल वही ब्रांड प्रदर्शित होते हैं, जिनकी पापुलर्टी मार्केट में ज्यादा होती है। कहा कि संतुष्टि के लिए सैंपल भरे जाते हैं। मौके पर सिर्फ ब्रांड की क्वालिटी(एफएसएसआई लाइसेंस) देखी जाती है।
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लैबोरेटरी रिपोर्ट आई नहीं दे दी गई क्लीन चिट!
सोनभद्र। किसी भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए लैबोरेटरी रिपोर्ट को सबसे अधिक प्रामाणिक माना जाता है, लेकिन जिले में बांटी जा रही सूखा राहत सामग्री वितरण को बिना रिपोर्ट मिले ही क्लीन चिट दे दिया गया है। खुद जिला अभिहित अधिकारी मानिक चंद ने बताया कि डीएम की ओर से उनकी अगुवाई में गठित टीम ने खाद्य पदार्थों के मानक के जांच की है। आपूर्तिकर्ता फर्म द्वारा जो भी खाद्य पदार्थ वितरित किया जा रहा है, वह एएफसीआई जो कि खाद्य पदार्थों के मानक को निर्धारित करती है, के अनुरुप है। बताते चलें कि सपा सरकार में वितरित किए गए सूखा राहत सामग्री में भी गड़बड़ी पाई गई थी, जिसकी जांच इसी अभिहित अधिकारी मानिकचंद्र ने की थी। इस बार भी पिछली वाली फर्म ही सूखा राहत सामग्री बांट रही है।
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कोलकाता के कंपनी का स्टीकर लगे बोरे में बंटा आलू
दुद्धी ।दुद्धी तहसील में गुरुवार को सूखा राहत पैकेट के वितरण की शुरुआत हुई। इस दौरान पात्रों को 25 किलो आलू वितरित किया गया। आलू वाले बोरे पर कोलकाता के एक कंपनी का स्टीकर लगा हुआ था। इसी कंपनी से वितरण के लिए आलू खरीदा गया या सिर्फ आलू बैग पर स्टीकर लगा दिया गया, इसको लेकर सस्पेंस बना हुआ था। तहसीलदार मृत्युंजय सिंह का कहना था आलू का वजन कराया गया था। आपूतिकर्ता फर्म ने आलू कहां से खरीदा, इसकी जानकारी नहीं है। पता करके बता पाऊंगा।
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