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जीएसटी के विरोध में भारत बंद का समर्थन करेंगे व्यापारी
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:23 PM IST
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सोनभद्र। एकल कर व्यवस्था (जीएसटी) का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के विरोध में व्यापारी 30 जून को भारत बंद करेंगे। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता के मुताबिक सोनभद्र के व्यापारी भी राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान का समर्थन करेंगे और दूकानें बंद रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बगैर सरलीकरण के यदि जीएसटी लागू होता है तो छोटे-मझोले व्यापार धंधों का चौपट होना तय है। व्यापारी कानूनी मकड़जाल में फंस कर रह जाएगा। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच जीएसटी लागू न किया जाए। जिलाध्यक्ष राजेश और प्रवक्ता प्रकाश केशरी ने कहा कि ई.वे बिल व्यापारियों पर लागू न हो और महीने में तीन रिटर्न के स्थान पर एक त्रैमासिक रिटर्न हो। विक्रेता यदि जीएसटी जमा नहीं करता तो खरीदार की जिम्मेदारी न हो, एक सूत्री सरल जीएसटी कर की व्यवस्था हो। जीएसटी की उच्चतम दर 15 प्रतिशत से अधिक न हो, ऑनलाइन रिटर्न की व्यवस्था समाप्त की जाए। ब्रांडेड कपड़ा, अनाज, तिलहन, कृषि यंत्र एवं जीवन की आवश्यक वस्तुएं जीएसटी से मुक्त की जाए। कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन चलता रहेगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बगैर सरलीकरण के यदि जीएसटी लागू होता है तो छोटे-मझोले व्यापार धंधों का चौपट होना तय है। व्यापारी कानूनी मकड़जाल में फंस कर रह जाएगा। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच जीएसटी लागू न किया जाए। जिलाध्यक्ष राजेश और प्रवक्ता प्रकाश केशरी ने कहा कि ई.वे बिल व्यापारियों पर लागू न हो और महीने में तीन रिटर्न के स्थान पर एक त्रैमासिक रिटर्न हो। विक्रेता यदि जीएसटी जमा नहीं करता तो खरीदार की जिम्मेदारी न हो, एक सूत्री सरल जीएसटी कर की व्यवस्था हो। जीएसटी की उच्चतम दर 15 प्रतिशत से अधिक न हो, ऑनलाइन रिटर्न की व्यवस्था समाप्त की जाए। ब्रांडेड कपड़ा, अनाज, तिलहन, कृषि यंत्र एवं जीवन की आवश्यक वस्तुएं जीएसटी से मुक्त की जाए। कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन चलता रहेगा।
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