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ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग करेंगी 52 टीमें
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सोनभद्र। जिले मेें कोरोना महामारी कम होने के बाद परिषदीय स्कूलों के ताले खुल गए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन कई शिक्षक मोबाइल में इंटरनेट न होने हवाला देकर इससे किनारा कर रहे हैं। इस पर निगरानी के लिए अब बीएसए ने 52 टीमें गठित की है। टीम शिक्षकों की जवाबदेही तय करेंगी और ऑनलाइन कक्षाओं की रिपोर्ट प्रतिदिन देगी।
प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। जिले के 2458 परिषदीय उच्च और प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 16 जून से ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। ऑनलाइन एजूकेशन के इस पूरे प्लान में गणित और साइंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एक्सपर्ट टीचर को ऑनलाइन क्लास लेने का जिम्मा सौंपा गया है। ऑनलाइन अध्यापन का यह कार्य अभी स्कूल खुलने तक ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अगर कोविड-19 के चलते स्कूल खुलने में देरी हुई तो यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी। रोजाना कुछ विद्यार्थी और अभिभावक से पढ़ाई के बारे में फीडबैक लेने की व्यवस्था की गई है। उधर नक्सल और दुरूह क्षेत्रों के स्कूलों मेें तैनात कई शिक्षक मोबाइल में इंटरनेट न होने का बहाना बनाकर ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने से बच रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। बीएसए ने राबट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारियों को मिलाकर 52 टीमें गठित करते हुए लापरवाह शिक्षकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट देेने का निर्देश दिया है। खंड शिक्षाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की जांच टीमों से रिपोर्ट लेकर बीएसए को भेजेंगे।
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वर्जन...
कोरोना काल के बाद परिषदीय स्कूलों के ताले खुल गए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। जो शिक्षक ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। लापरवाही शिक्षकों को चिह्नित करने के लिए जिले में 50 टीमें गठित कर दी गई है। - हरिवंश कुमार बेसिक शिक्षाधिकारी सोनभद्र।
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प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। जिले के 2458 परिषदीय उच्च और प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 16 जून से ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। ऑनलाइन एजूकेशन के इस पूरे प्लान में गणित और साइंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एक्सपर्ट टीचर को ऑनलाइन क्लास लेने का जिम्मा सौंपा गया है। ऑनलाइन अध्यापन का यह कार्य अभी स्कूल खुलने तक ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अगर कोविड-19 के चलते स्कूल खुलने में देरी हुई तो यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी। रोजाना कुछ विद्यार्थी और अभिभावक से पढ़ाई के बारे में फीडबैक लेने की व्यवस्था की गई है। उधर नक्सल और दुरूह क्षेत्रों के स्कूलों मेें तैनात कई शिक्षक मोबाइल में इंटरनेट न होने का बहाना बनाकर ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने से बच रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। बीएसए ने राबट्र्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारियों को मिलाकर 52 टीमें गठित करते हुए लापरवाह शिक्षकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट देेने का निर्देश दिया है। खंड शिक्षाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की जांच टीमों से रिपोर्ट लेकर बीएसए को भेजेंगे।
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कोरोना काल के बाद परिषदीय स्कूलों के ताले खुल गए हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। जो शिक्षक ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। लापरवाही शिक्षकों को चिह्नित करने के लिए जिले में 50 टीमें गठित कर दी गई है। - हरिवंश कुमार बेसिक शिक्षाधिकारी सोनभद्र।
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