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शौचालय के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:08 AM IST
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बूढ़नपुर। प्रधान और सचिव द्वारा मिलकर शौचालय का पैसा हड़प लेने और शौचालय व बनवाने के विरोध में कोयलसा के शेरवा गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को ब्लाक परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस बारे में ग्रामीणों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपा।
कोयलसा ब्लॉक में कुल 158 राजस्व गांव हैं। इनमें से 44 गांव अमारी, अरावगुल्जार, बहेलियापार, बनकट जगदीश, बांसी जप्तिमाफी, बौढ़िया, बेमुडीह किसुनदेव, भावनिपट्टी, बिस्तारा, बुढ़नपुर, चुमकुनी, देउरपुर, धनेजपाण्डेय, धनघटा, धनसिंघपुर, डोमनपुर, एकडंगी बिहार, गौरा, गाजीपुर, हुंसेपुर सनूप, इतौरिखालिसपुर, जलालपुर, कटोही, कुसहा गोसाई, लालपुर, मखनहा, मोलनापुर नट्ठंपट्टी, नोनावे, रामपुर दसराजपट्टी, रानीपुर, रत्नावे, शेरवा को प्रशासन की ओर से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इसमें बहुत से गांव ऐसे हैं जिनके अभी तक पूरे शौचालय नहीं बने हैं। इनके नाम पर पूर्व सरकार में शौचालय आवंटित हुआ था, लेकिन प्रधान और सचिव मिलकर शौचालय की धनराशि को डकार चुके हैं। दर्जनों ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें शौचालय निर्माण के लिए अभी तक धनराशि नहीं भेजी गई है। बहुत से गांव जो ओडीएफ हो चुके हैं उनमें निर्माण अभी भी चल रहा है। शेरवां गांव में कुल 617 घर हैं। कुल 254 शौचालयों का बेस लाइन सर्वे और एमआईएस किया गया है। इनमें से 60 से ज्यादा शौचालय या तो आधे अधूरे हैं या उनका भुगतान नहीं किया गया है। इसके बाद भी इस गांव को 15 सितंबर को ओडीएफ कर दिया गया।
इसके विरोध में शेरवा के ग्रामीणों ने ब्लाक परिसर में प्रदर्शन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर शोभा, रामू, मुसाफिर, बुधिराम, श्यामकरण, रामबृक्ष, मारकंडे, हरिश्चन्द्र, बालचंद, टुनटुन, यमुना, रामबेलॉस, ओमप्रकाश, चंद्रभान, रामसन्न, विजयबहादुर, सोमई, हनुमान, सिकंदर, संतराम, मनभान, गायत्री, माधव, महेंद्र, रामधनी, रामजीत, रघुनाथ, बोधई, रामकिशुन, विश्वनाथ, वित्त्न, जंगबहादुर, रामदरस, रामप्यारे थे।
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कोयलसा ब्लॉक में कुल 158 राजस्व गांव हैं। इनमें से 44 गांव अमारी, अरावगुल्जार, बहेलियापार, बनकट जगदीश, बांसी जप्तिमाफी, बौढ़िया, बेमुडीह किसुनदेव, भावनिपट्टी, बिस्तारा, बुढ़नपुर, चुमकुनी, देउरपुर, धनेजपाण्डेय, धनघटा, धनसिंघपुर, डोमनपुर, एकडंगी बिहार, गौरा, गाजीपुर, हुंसेपुर सनूप, इतौरिखालिसपुर, जलालपुर, कटोही, कुसहा गोसाई, लालपुर, मखनहा, मोलनापुर नट्ठंपट्टी, नोनावे, रामपुर दसराजपट्टी, रानीपुर, रत्नावे, शेरवा को प्रशासन की ओर से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इसमें बहुत से गांव ऐसे हैं जिनके अभी तक पूरे शौचालय नहीं बने हैं। इनके नाम पर पूर्व सरकार में शौचालय आवंटित हुआ था, लेकिन प्रधान और सचिव मिलकर शौचालय की धनराशि को डकार चुके हैं। दर्जनों ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें शौचालय निर्माण के लिए अभी तक धनराशि नहीं भेजी गई है। बहुत से गांव जो ओडीएफ हो चुके हैं उनमें निर्माण अभी भी चल रहा है। शेरवां गांव में कुल 617 घर हैं। कुल 254 शौचालयों का बेस लाइन सर्वे और एमआईएस किया गया है। इनमें से 60 से ज्यादा शौचालय या तो आधे अधूरे हैं या उनका भुगतान नहीं किया गया है। इसके बाद भी इस गांव को 15 सितंबर को ओडीएफ कर दिया गया।
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इसके विरोध में शेरवा के ग्रामीणों ने ब्लाक परिसर में प्रदर्शन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर शोभा, रामू, मुसाफिर, बुधिराम, श्यामकरण, रामबृक्ष, मारकंडे, हरिश्चन्द्र, बालचंद, टुनटुन, यमुना, रामबेलॉस, ओमप्रकाश, चंद्रभान, रामसन्न, विजयबहादुर, सोमई, हनुमान, सिकंदर, संतराम, मनभान, गायत्री, माधव, महेंद्र, रामधनी, रामजीत, रघुनाथ, बोधई, रामकिशुन, विश्वनाथ, वित्त्न, जंगबहादुर, रामदरस, रामप्यारे थे।
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