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सीआईएल के पास 290 लाख टन कोल भंडार
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:46 PM IST
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सोनभद्र (शक्तिनगर)। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के चेयरमैन गोपाल सिंह ने कहा कि सीआईएल के पास 290 लाख टन कोयले का स्टाक मौजूद है। उन्होंने बताया कि सात मिलियन टन कोयला बिजली घरों के यार्ड में जमा है इससे कोयला आधारित प्लांट करीब 24 दिनों तक निर्वाध बिजली उत्पादन कर सकते है।
सीआईएल चेयरमैन मंगलवार को नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) मुख्यालय सिंगरौली में पत्रकारों से मुखातिब थे। कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बदले परिवेश में कोल इंडिया के पास सस्ता कोयला उत्पादन करना बड़ी चुनौती है। बाजार में टिके रहने के लिए उत्पादन लागत को हर हाल में घटाना होगा। कहा कि देश में बिजली खपत में हो रही बढ़ोत्तरी के वजह से कोयला उत्पादन का शानदार मौका है। इसके लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है और मौजूद संसाधनों के उत्पादन में वृद्धि के लिए सभी वैक्कल्पिक इंतजामों पर जोर दिया जा रहा है जो जरूरी हैं। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीएल ने ताप बिजली घरों को अनुबंध से अधिक कोयले की आपूर्ति कर गौरवान्वित किया है। बिजली घरों के पर कोयले का काफी पैसा बकाया होने की बात स्वीकार किया और कहा कि लंबी पूंजी फंसी है इसके बाद भी सीआईएल के तरफ से आपूर्ति में कोई अवरोध नहीं है। कुछ बिजली घरों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ति नहीं होने के सवाल पर कहा कि रेलवे, एमजीआर, कनवेयर व रोड़ परिवहन के बीच एक सामांजस्य स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर एनसीएल के सीएमडी सहित सभी निदेशकगण और रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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सीआईएल चेयरमैन मंगलवार को नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) मुख्यालय सिंगरौली में पत्रकारों से मुखातिब थे। कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बदले परिवेश में कोल इंडिया के पास सस्ता कोयला उत्पादन करना बड़ी चुनौती है। बाजार में टिके रहने के लिए उत्पादन लागत को हर हाल में घटाना होगा। कहा कि देश में बिजली खपत में हो रही बढ़ोत्तरी के वजह से कोयला उत्पादन का शानदार मौका है। इसके लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है और मौजूद संसाधनों के उत्पादन में वृद्धि के लिए सभी वैक्कल्पिक इंतजामों पर जोर दिया जा रहा है जो जरूरी हैं। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल के कार्यों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीएल ने ताप बिजली घरों को अनुबंध से अधिक कोयले की आपूर्ति कर गौरवान्वित किया है। बिजली घरों के पर कोयले का काफी पैसा बकाया होने की बात स्वीकार किया और कहा कि लंबी पूंजी फंसी है इसके बाद भी सीआईएल के तरफ से आपूर्ति में कोई अवरोध नहीं है। कुछ बिजली घरों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ति नहीं होने के सवाल पर कहा कि रेलवे, एमजीआर, कनवेयर व रोड़ परिवहन के बीच एक सामांजस्य स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर एनसीएल के सीएमडी सहित सभी निदेशकगण और रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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