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बच्चों, गर्भवतियों को दें बेहतर सेहत
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:36 PM IST
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सोनभद्र । कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को राज्य पोषण मिशन के जिला स्तरीय अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारी राज्य पोषण मिशन को अमलीजामा पहनाने में कोई कोर कसर न छोड़े। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ ही अन्य सहयोगी विभाग जिम्मेदारियों को निभाते हुए कमजोर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेहत की सेवा करते हुए परोपकारी बनें।
डीएम ने कहा कि राज्य पोषण मिशन के तहत ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों को सुचारू रूप से किया जाए। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण क्षेत्र में बैठक कर ग्रामीणों को राज्य पोषण मिशन के तहत चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देते रहे। ऐसा होने से गांव में कुपोषित बच्चों को समय से पहले उनके स्वास्थ्य के प्रति देख-भाल की मुकम्मल व्यवस्था की जा सकती है। गांव, ब्लाक व जिला स्तर पर कन्वर्जेशन अपनी-अपनी टीमों को जिम्मेदारी के साथ आपस में समन्वय बनाएं। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। जिन-जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के देखभाल संबंधी सामग्री व उपकरण न हो, तो उसकी लिस्ट बनाकर जल्द से जल्द जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। जो आंगनबाड़ी केंद्र मरम्मत के लायक हों, उसका स्टीमेट बनाकर समय से कार्य कराया जाए। पांच वर्ष तक आयु के कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार वर्मा, पीडी आरएस मौर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह, डीपीआरओ आरके भारती, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल मौजूद रहे।
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डीएम ने कहा कि राज्य पोषण मिशन के तहत ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों को सुचारू रूप से किया जाए। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण क्षेत्र में बैठक कर ग्रामीणों को राज्य पोषण मिशन के तहत चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देते रहे। ऐसा होने से गांव में कुपोषित बच्चों को समय से पहले उनके स्वास्थ्य के प्रति देख-भाल की मुकम्मल व्यवस्था की जा सकती है। गांव, ब्लाक व जिला स्तर पर कन्वर्जेशन अपनी-अपनी टीमों को जिम्मेदारी के साथ आपस में समन्वय बनाएं। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। जिन-जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के देखभाल संबंधी सामग्री व उपकरण न हो, तो उसकी लिस्ट बनाकर जल्द से जल्द जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। जो आंगनबाड़ी केंद्र मरम्मत के लायक हों, उसका स्टीमेट बनाकर समय से कार्य कराया जाए। पांच वर्ष तक आयु के कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार वर्मा, पीडी आरएस मौर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह, डीपीआरओ आरके भारती, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल मौजूद रहे।
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