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नील गायों के आतंक से किसान परेशान
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:07 PM IST
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केकराही। करमा थाना क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों नील गायों का आतंक है। इससे किसान परेशान हैं। आलम यह है कि झुंडों में चल कर समूची फसलाें को नील गाय रौंद दे रही हैं। टमाटर, बैगन, कोहड़ा, लौकी आदि की फसल को भी चट कर जा रही हैं। इतना ही नहीं रबी की बोई गई फसलों को भी नुकसानी पहुंचा रही हैं।
बता दें कि करमा थाना क्षेत्र के जवाही, भरूहा, ऐलाही, पटेहरा आदि गांवों में इन दिनों नील गायों का आतंक है। गांवों के सिवान में नील गायों का झुंड रहता है। दिन के समय नील गाय घूमती-रहती हैं और रात्रि होते ही झुंड में चलकर फसलों को रौंद दे रही हैं और फल लगी फसलों को चट कर जा रही हैं। इससे किसान अपनी फसलों के प्रति बेहद चिंतित हैं। किसान डॉ. राजेंद्र पटेल, रामजी और मोहन कहते हैं कि नील गाय झुंड बनाकर किसानों की फसलों को नुकसानी पहुंचा रही हैं। कन्हैया, भगवानदास और पप्पू पटेल ने कहा कि फल लगी फसलों जैसे बैगन, टमाटर, कोहड़ा, लौकी आदि को खा जा रही हैं। इसके अलावा धान एवं रबी की बोई गई फसल को रौंद कर चौपट कर दे रही हैं। अशोक मौर्या, हरिहर एवं पारस मौर्या का कहना है कि रबी की बोई जा रही फसलों गेहूं, चना, मसूर आदि के अंकुरित बीज को ही नील गाय खा जा रही हैं। बबलू, धर्मेंद्र एवं बचाऊ का कहना है कि नील गायों को नहीं रोका गया तो समूची फसल चौपट हो जाएगी।
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बता दें कि करमा थाना क्षेत्र के जवाही, भरूहा, ऐलाही, पटेहरा आदि गांवों में इन दिनों नील गायों का आतंक है। गांवों के सिवान में नील गायों का झुंड रहता है। दिन के समय नील गाय घूमती-रहती हैं और रात्रि होते ही झुंड में चलकर फसलों को रौंद दे रही हैं और फल लगी फसलों को चट कर जा रही हैं। इससे किसान अपनी फसलों के प्रति बेहद चिंतित हैं। किसान डॉ. राजेंद्र पटेल, रामजी और मोहन कहते हैं कि नील गाय झुंड बनाकर किसानों की फसलों को नुकसानी पहुंचा रही हैं। कन्हैया, भगवानदास और पप्पू पटेल ने कहा कि फल लगी फसलों जैसे बैगन, टमाटर, कोहड़ा, लौकी आदि को खा जा रही हैं। इसके अलावा धान एवं रबी की बोई गई फसल को रौंद कर चौपट कर दे रही हैं। अशोक मौर्या, हरिहर एवं पारस मौर्या का कहना है कि रबी की बोई जा रही फसलों गेहूं, चना, मसूर आदि के अंकुरित बीज को ही नील गाय खा जा रही हैं। बबलू, धर्मेंद्र एवं बचाऊ का कहना है कि नील गायों को नहीं रोका गया तो समूची फसल चौपट हो जाएगी।
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