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Sonebhadra News: किसी और ब्लॉक में 37 आंगनबाड़ी केंद्र, वेतन-निगरानी हो रही दूसरे ब्लॉक से
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सोनभद्र/रामगढ़। जिले में 37 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनकी मौजूदगी तो किसी और ब्लाॅक में है लेकिन वेतन भुगतान सहित विभागीय कामकाज की निगरानी दूसरे ब्लाॅक से हो रही है।
प्रकरण महज पांच साल पूर्व सृजित करमा और कोन ब्लॉक से जुड़ा है। इन केंद्रों की निगरानी के साथ ही यहां तैनात कार्यकर्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अजीबोगरीब स्थिति से गुजर रहे इन आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े मसले का हल निकालने के लिए विभागीय स्तर पर कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस प्रकरण का कोई हल नहीं निकल पाया है।
बताते चलें कि 2020 में करमा और कोन ब्लाॅक का सृजन किया गया है। घोरावल और राॅबर्ट्सगंज ब्लॉक की एरिया को मिलाकर करमा और नगवां व चोपन ब्लॉक की एरिया काटकर कोन ब्लॉक बनाया गया था।
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इस दौरान लगभग 25 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनका क्षेत्राधिकार अभी भी घोरावल और राॅबटर्सगंज ब्लॉक के पास पड़ा हुआ है। इसके चलते इन केंद्रों पर तैनात कार्यकर्तियों, सहायिकाओं को वेतन व अन्य विभागीय कामकाज के लिए दूसरे ब्लॉक जाना पड़ा है।
नगवां ब्लॉक के पिंडारी, चकरिया, बरहमोरी और चननी के चननी, बसुहारी, अड़गुड़, पोखरिया, सरसा, देवगढ़, बरहमोरी, सोनपिड़िया, ससनई, अलटनवा, झरिया, चकरिया, गुड़गांव, महरोहिया, कम्हवार, पिंडारी, रानीडीह आंगनबाड़ी केंद्रों की भी यही स्थिति है।
इनसे जुड़ी ग्राम पंचायतें कोन ब्लॉक में समायोजित की जा चुकी हैं लेकिन विभागीय कामकाज-निगरानी का क्षेत्राधिकार अभी भी नगवां ब्लाॅक ही बना हुआ है।
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प्रकरण महज पांच साल पूर्व सृजित करमा और कोन ब्लॉक से जुड़ा है। इन केंद्रों की निगरानी के साथ ही यहां तैनात कार्यकर्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अजीबोगरीब स्थिति से गुजर रहे इन आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े मसले का हल निकालने के लिए विभागीय स्तर पर कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस प्रकरण का कोई हल नहीं निकल पाया है।
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बताते चलें कि 2020 में करमा और कोन ब्लाॅक का सृजन किया गया है। घोरावल और राॅबर्ट्सगंज ब्लॉक की एरिया को मिलाकर करमा और नगवां व चोपन ब्लॉक की एरिया काटकर कोन ब्लॉक बनाया गया था।
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इस दौरान लगभग 25 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनका क्षेत्राधिकार अभी भी घोरावल और राॅबटर्सगंज ब्लॉक के पास पड़ा हुआ है। इसके चलते इन केंद्रों पर तैनात कार्यकर्तियों, सहायिकाओं को वेतन व अन्य विभागीय कामकाज के लिए दूसरे ब्लॉक जाना पड़ा है।
नगवां ब्लॉक के पिंडारी, चकरिया, बरहमोरी और चननी के चननी, बसुहारी, अड़गुड़, पोखरिया, सरसा, देवगढ़, बरहमोरी, सोनपिड़िया, ससनई, अलटनवा, झरिया, चकरिया, गुड़गांव, महरोहिया, कम्हवार, पिंडारी, रानीडीह आंगनबाड़ी केंद्रों की भी यही स्थिति है।
इनसे जुड़ी ग्राम पंचायतें कोन ब्लॉक में समायोजित की जा चुकी हैं लेकिन विभागीय कामकाज-निगरानी का क्षेत्राधिकार अभी भी नगवां ब्लाॅक ही बना हुआ है।