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Sonebhadra News: आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं 30637 परिवार, 17 सीएचओ को नोटिस

Thu, 12 Mar 2026 11:08 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:08 PM IST
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30,637 families are deprived of Ayushman cards; notices issued to 17 CHOs
सोनभद्र। लगातार सख्ती के बावजूद शत-प्रतिशत लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। 15 जनवरी से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बाद भी अभी लगभग 30637 (14 फीसदी) परिवार ऐसे हैं जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। वहीं लगभग 30 प्रतिशत (2,88,912) लाभार्थी ऐसे हैं जो अब तक इस योजना के लाभ से वंचित हैं। इसको देखते हुए जहां सभी सीएचओ, ग्राम पंचायत सचिवों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीएमओ की तरफ से 17 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।
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आयुष्मान कार्ड से वंचित लगभग तीन लाख 16 हजार लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाए जाने के लिए 15 जनवरी से 15 अप्रैल के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था। फरवरी में इस काम में तेजी लाने के लिए सभी 115 पंचायत सचिवों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ग्राम पंचायतों में तैनात ऑपरेटरों को भी इस काम में लगाया गया है। सभी को प्रति कार्ड पांच रुपये प्रोत्साहन राशि दिए जाने की भी व्यवस्था तय की गई है। बावजूद कर्मियों की सुस्ती के चलते अभी तक महज 27088 लाभार्थियों का ही आयुष्मान कार्ड बनाया जाना संभव हो पाया है। सभी 115 पंचायत सचिवों को जल्द कार्य में सुधार न आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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तेजी लाने के लिए जारी की गई 1300 आईडी
कार्य में तेजी आए इसके लिए जहां स्वास्थ्य महकमे की तरफ से लगभग 1300 आईडी जारी की गई है। प्रत्येक आईडी से रोजाना कम से कम पांच कार्ड बने, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। तेजी का परिणाम भी देखने को मिला है। पिछले माह जहां एक दिन में आयुष्मान कार्ड बनने का आंकड़ा चार से पांच सौ था। वहीं मार्च में यह आंकड़ा 900 से एक हजार के करीब पहुंच गया है लेकिन अपेक्षित तेजी न आने से अभी भी अफसरों की तरफ से नाराजगी जताई जा रही है। डीएम-सीडीओ ने सीएमओ और डीपीआरओ को अपने-अपने स्तर से कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी जारी किए हैं। 15 मार्च के बाद किसी भी वक्त इसकी बैठक ली जा सकती है।
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46 हजार से अधिक मरीज ले चुके लाभ
आयुष्मान के जरिये जिले में अब तक 46079 मरीजों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसमें 31219 मरीजों ने इस योजना के तहत निजी अस्पताल में उपचार कराया है। वहीं सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले 14860 मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया गया है।
जिनका नहीं बन पा रहा कार्ड, उसका दर्शाना होगा कारण
डीएम बीएन सिंह ने अभियान के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश तो दिए ही हैं। जिनका कार्ड नहीं बना है। उसका कारण दर्शाते हुए अलग से सूची बनाने का निर्देश जारी किया गया है। सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षक, बीपीएम को जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति जिनका नाम सूची में गलत है। मृत्यु हो गई है। जन्मतिथि में पांच वर्ष का अंतर है। पिता या पति का नाम गलत है। उस नाम का कोई व्यक्ति गांव में निवास नहीं करता। लाभार्थी का कार्ड किसी दूसरी योजना में बना हुआ है। सूची में नाम एवं पिता का नाम ब्लैंक यानी खाली है...। कार्ड न बनने के पीछे इसमें जो भी कारण है, उसका विवरण संबंधित प्रधान से प्रमाणित कराने के साथ ही, एक्सेल डाटासीट के जरिए सूचना उपलब्ध कराई जाए ताकि शासन को इससे अवगत कराया जा सके।

आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी आए इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पिछले माह के मुकाबले तेजी से सुधार हुआ है। इसमें और तेजी आए इसके निर्देश दिए गए हैं। 17 सीएचओ को नोटिस भी जारी की गई है। जिनका कार्ड नहीं बन पा रहा है, उसकी सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों का कार्ड बने, इसके लिए रोजाना शाम को संबंधितों से जानकारी भी तलब की जा रही है। - डॉ. पीके राय, सीएमओ।
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