{"_id":"6133b12f8ebc3e1472531f04","slug":"30-cases-resolved-in-complete-resolution-day-sonbhadra-news-vns609734975","type":"story","status":"publish","title_hn":"संपूर्ण समाधान दिवस में हल हुए 30 मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संपूर्ण समाधान दिवस में हल हुए 30 मामले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शनिवार को जिले के सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इस दौरान कुल 294 आवेदन आए। इसमें 30 का निस्तारण हुआ। शेष 264 मामले संबंधित विभागों को जांच कर कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने से फरियादी मायूस नजर आए।
मुख्य आयोजन ओबरा में हुआ। एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों का दायित्वबोध कराते हुए कहा कि तहसील दिवस में अब संबन्धित विभाग के अधिकारी अपने-अपने विभागों की समस्याओं को सुनें और उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। ओबरा में कुल 54 शिकायतें आई। इसमें चार का मौके पर निस्तारण हुआ। तीन मामले में मौके पर टीम भेजी गई। यहां डीएम को पहुंचना था, लेकिन नोडल अधिकारी के भ्रमण के कारण वह संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंचे। दूरदराज से शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी मायूस दिखे। सदर में एसडीएम कृपाशंकर पांडेय ने सुनवाई की। निस्तारण की गुणवत्ता बनाएरखने की ताकीद करते हुए मौजूद कार्मिकों को लंबित मामलों को निस्तारित करने की हिदायत दी। कुल 96 में सात मामलों को मौके पर हल किया गया। तीन टीमें बनाकर क्षेत्र में भेजी गई। दुद्धी में एसडीएम रमेश कुमार की अध्यक्षता में 61 मामलों की सुनवाई है। सिर्फ दो का मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि छह टीमों को जांच के लिए भेजा गया। घोरावल में एसडीएम सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। कुल 83 फरियादियों ने शिकायतें रखी, जिसमें मौके पर 02 मामले निस्तारित किए गए। तीनटीमें बनाकर क्षेत्रों में निस्तारण के लिए भेजी गई ।
विज्ञापन
मुख्य आयोजन ओबरा में हुआ। एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों का दायित्वबोध कराते हुए कहा कि तहसील दिवस में अब संबन्धित विभाग के अधिकारी अपने-अपने विभागों की समस्याओं को सुनें और उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। ओबरा में कुल 54 शिकायतें आई। इसमें चार का मौके पर निस्तारण हुआ। तीन मामले में मौके पर टीम भेजी गई। यहां डीएम को पहुंचना था, लेकिन नोडल अधिकारी के भ्रमण के कारण वह संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंचे। दूरदराज से शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी मायूस दिखे। सदर में एसडीएम कृपाशंकर पांडेय ने सुनवाई की। निस्तारण की गुणवत्ता बनाएरखने की ताकीद करते हुए मौजूद कार्मिकों को लंबित मामलों को निस्तारित करने की हिदायत दी। कुल 96 में सात मामलों को मौके पर हल किया गया। तीन टीमें बनाकर क्षेत्र में भेजी गई। दुद्धी में एसडीएम रमेश कुमार की अध्यक्षता में 61 मामलों की सुनवाई है। सिर्फ दो का मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि छह टीमों को जांच के लिए भेजा गया। घोरावल में एसडीएम सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। कुल 83 फरियादियों ने शिकायतें रखी, जिसमें मौके पर 02 मामले निस्तारित किए गए। तीनटीमें बनाकर क्षेत्रों में निस्तारण के लिए भेजी गई ।
विज्ञापन